कृषि
अररिया में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत फॉर्मर मास्टर ट्रेनर का चयन, किसानों में जागरूकता अभियान शुरू
अररिया में जिला स्तरीय निगरानी समिति ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत फॉर्मर मास्टर ट्रेनर का चयन किया और पूरे जिले में प्राकृतिक खेती के लाभों पर जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्देश दिया।
अररिया में 2 नवंबर 2026 को जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के अंतर्गत फॉर्मर मास्टर ट्रेनर (FMT) का चयन किया गया।
बैठक में यह निर्देश दिया गया कि कृषि जन कल्याण चौपाल‑सह‑खेत बचाओ अभियान और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों व पंचायतों में प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिसमें कृषि कर्मी, चयनित FMT और कृषि सखियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्राकृतिक खेती के प्रचार‑प्रसार हेतु वीडियो ग्राफी सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा, जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, उपयोगिता और दीर्घकालिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी जा सके। अभियान में रासायनिक खेती के कारण मिट्टी की उर्वरता एवं फसलों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को भी व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया जाएगा।
पहले से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को जागरूकता अभियान में शामिल कर उनके अनुभवों को अन्य किसानों के साथ साझा करने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक किसान इस विधि को अपनाएँ और प्राकृतिक खेती का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित हो।
जिला प्रशासन ने कहा कि प्राकृतिक खेती मिट्टी की सेहत, पर्यावरण संरक्षण, खेती की लागत में कमी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की महत्वपूर्ण पहल है, और सभी कृषि कर्मी एवं प्रशिक्षित FMT को पंचायत स्तर तक इस अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने का समन्वय करने का आदेश दिया।
बैठक में यह निर्देश दिया गया कि कृषि जन कल्याण चौपाल‑सह‑खेत बचाओ अभियान और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों व पंचायतों में प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिसमें कृषि कर्मी, चयनित FMT और कृषि सखियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्राकृतिक खेती के प्रचार‑प्रसार हेतु वीडियो ग्राफी सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा, जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, उपयोगिता और दीर्घकालिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी जा सके। अभियान में रासायनिक खेती के कारण मिट्टी की उर्वरता एवं फसलों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को भी व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया जाएगा।
पहले से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को जागरूकता अभियान में शामिल कर उनके अनुभवों को अन्य किसानों के साथ साझा करने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक किसान इस विधि को अपनाएँ और प्राकृतिक खेती का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित हो।
जिला प्रशासन ने कहा कि प्राकृतिक खेती मिट्टी की सेहत, पर्यावरण संरक्षण, खेती की लागत में कमी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की महत्वपूर्ण पहल है, और सभी कृषि कर्मी एवं प्रशिक्षित FMT को पंचायत स्तर तक इस अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने का समन्वय करने का आदेश दिया।