अनावश्यक जवाब प्रस्तुत करने के बजाय धरातल पर परिणाम
अनावश्यक जवाब प्रस्तुत करने के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाई दें – कलेक्टर
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु भेजें प्रस्ताव – कलेक्टर
मैदानी अमला समन्वय के साथ करे कार्य, बनाए कुपोषण मुक्त जिला – कलेक्टर
कलेक्टर ने तीन बीएमओ को नोटिस जारी करने एवं वेतन काटने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक ली।
बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के प्रस्ताव तैयार कर भेजें, ताकि खनिज मद से आवश्यक कार्य कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभागीय अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी अमला आपसी समन्वय स्थापित कर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास करे। कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कर अनिवार्य रूप से पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए तथा उन्हें निर्धारित 14 दिवस तक केंद्र में रखकर समुचित देखभाल एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्यों में प्रगति लाएं। केवल औपचारिकता निभाने अथवा अनावश्यक जवाब प्रस्तुत करने के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाई देना चाहिए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गर्भवती माताओं का नियमित फॉलोअप करें।
कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं को समय पर चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। आवश्यकता के अनुसार उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिक होम डिलीवरी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम की जवाबदेही तय करते हुए निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए तथा गर्भवती महिलाओं का प्रसव नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कराया जाए। अत्यंत आवश्यक स्थिति में ही जिला चिकित्सालय रेफर किया जाए।
कलेक्टर ने संतोषजनक जवाब नहीं मिलने एवं कार्यों में लापरवाही बरतने पर बीएमओ एवं बीपीएम बुढ़ार, बीएमओ जयसिंहनगर एवं ब्यौहारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बीएमओ एवं बीपीएम बुढ़ार एवं बीएमओ जयसिंहनगर का 3-3 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपने स्तर पर मॉनिटरिंग करें और लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्धारित तिथि तय कर स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों (गायनेकोलॉजिस्ट) की ड्यूटी लगाने तथा टीबी सेंटर की एक्स-रे मशीन को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आधार कार्ड, अपार आईडी, आभा आईडी एवं सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन सहित अन्य विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राकेश खरे सहित बीएमओ, बीपीएम एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
#shahdol
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु भेजें प्रस्ताव – कलेक्टर
मैदानी अमला समन्वय के साथ करे कार्य, बनाए कुपोषण मुक्त जिला – कलेक्टर
कलेक्टर ने तीन बीएमओ को नोटिस जारी करने एवं वेतन काटने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक ली।
बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के प्रस्ताव तैयार कर भेजें, ताकि खनिज मद से आवश्यक कार्य कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभागीय अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी अमला आपसी समन्वय स्थापित कर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास करे। कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कर अनिवार्य रूप से पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए तथा उन्हें निर्धारित 14 दिवस तक केंद्र में रखकर समुचित देखभाल एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्यों में प्रगति लाएं। केवल औपचारिकता निभाने अथवा अनावश्यक जवाब प्रस्तुत करने के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाई देना चाहिए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गर्भवती माताओं का नियमित फॉलोअप करें।
कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं को समय पर चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। आवश्यकता के अनुसार उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिक होम डिलीवरी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम की जवाबदेही तय करते हुए निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए तथा गर्भवती महिलाओं का प्रसव नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कराया जाए। अत्यंत आवश्यक स्थिति में ही जिला चिकित्सालय रेफर किया जाए।
कलेक्टर ने संतोषजनक जवाब नहीं मिलने एवं कार्यों में लापरवाही बरतने पर बीएमओ एवं बीपीएम बुढ़ार, बीएमओ जयसिंहनगर एवं ब्यौहारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बीएमओ एवं बीपीएम बुढ़ार एवं बीएमओ जयसिंहनगर का 3-3 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपने स्तर पर मॉनिटरिंग करें और लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्धारित तिथि तय कर स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों (गायनेकोलॉजिस्ट) की ड्यूटी लगाने तथा टीबी सेंटर की एक्स-रे मशीन को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आधार कार्ड, अपार आईडी, आभा आईडी एवं सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन सहित अन्य विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राकेश खरे सहित बीएमओ, बीपीएम एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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