कृषि
आयुक्त मोहित बुंदास ने गुना के रेशम केन्द्र खटकिया व राघौगढ़ धागाकरण इकाई का किया भ्रमण
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयुक्त रेशम संचालनालय ने 30 अक्टूबर को गुना के रेशम केन्द्र खटकिया (कुम्भराज) और धागाकरण इकाई राघौगढ़ का निरीक्षण किया, जहाँ रेशम पालन एवं धागा उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
आयुक्त रेशम संचालनालय, भोपाल श्री मोहित बुंदास ने मुख्य मंत्री जन-विश्वास अभियान के भाग के रूप में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के गुना जिले के रेशम केन्द्र‑खटकिया (कुम्भराज) तथा रेशम धागाकरण इकाई‑राघौगढ़ का आधिकारिक भ्रमण किया। यह यात्रा राज्य के रेशम उत्पादन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
भ्रमण के दौरान आयुक्त ने राघौगढ़ धागाकरण इकाई में भंडारित ककून, रीलिंग मशीनों तथा ककून स्टॉयफल प्रक्रिया को देखा और इन उपकरणों में सुधार लाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने रेशम धागा उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
श्रीमती सविता बाई (लखपति दीदी), श्रीमती आजाद बाई, श्रीमती सुनीता बाई और श्रीमती मोर बाई सहित रेशम पालन करने वाले 1000 स्व‑डिम्ब समूह के हितग्राहियों को वर्तमान में चल रहे कृमिपालन कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। साथ ही समग्र‑2 योजना के तहत निजी क्षेत्र में पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
आयुक्त ने हितग्राहियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनका शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया, जिससे रेशम उत्पादन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
भ्रमण के दौरान आयुक्त ने राघौगढ़ धागाकरण इकाई में भंडारित ककून, रीलिंग मशीनों तथा ककून स्टॉयफल प्रक्रिया को देखा और इन उपकरणों में सुधार लाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने रेशम धागा उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
श्रीमती सविता बाई (लखपति दीदी), श्रीमती आजाद बाई, श्रीमती सुनीता बाई और श्रीमती मोर बाई सहित रेशम पालन करने वाले 1000 स्व‑डिम्ब समूह के हितग्राहियों को वर्तमान में चल रहे कृमिपालन कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। साथ ही समग्र‑2 योजना के तहत निजी क्षेत्र में पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
आयुक्त ने हितग्राहियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनका शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया, जिससे रेशम उत्पादन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।