आदर्श स्कूल के पास टावरी पाड़ा व सुथार पाड़ा में 6 महीने से सफाई नही
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नाचना: आदर्श स्कूल के पास टावरी पाड़ा व सुथार पाड़े में 6 महीने से ठप सफाई व्यवस्था, ग्रामीणों में भारी रोष
नाचना (जैसलमेर)। कस्बे के आदर्श स्कूल के पास स्थित टावरी पाड़ा और सुथार पाड़े में पिछले छः महीनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लंबे समय से सफाई न होने के कारण पूरे इलाके में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
टावरी पाड़ा निवासी जगदीश प्रसाद और सुथार पाड़ा निवासी कोजाराम ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पिछले 6 महीनों से ग्राम पंचायत द्वारा न तो नालियों की सफाई करवाई गई है और न ही मोहल्ले में लंबे समय से पड़े कचरे के ढेरों को हटवाया गया है। नालियां कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है।
हर महीने हजारों का भुगतान, फिर भी काम शून्य
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत द्वारा हर महीने सफाई व्यवस्था के नाम पर हजारों रुपयों का भुगतान उठाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर काम शून्य है।
स्वास्थ्य संकट का डर: सड़ांध और बदबू के कारण मोहल्लेवासियों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
बीमारियों का खतरा: गंदे पानी और कचरे पर पनप रहे मच्छर-मक्खियों की वजह से इलाके में मौसमी व गंभीर बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
मासूम बच्चों पर असर: पास ही में आदर्श स्कूल होने के कारण रोज यहां से गुजरने वाले छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भी इस दुर्गंध और गंदगी के बीच से होकर जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द नालियों की सफाई करवाई जाए और कचरे के ढेरों को हटाकर राहत दी जाए, अन्यथा उन्हें मजबूरन विरोध-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
नाचना (जैसलमेर)। कस्बे के आदर्श स्कूल के पास स्थित टावरी पाड़ा और सुथार पाड़े में पिछले छः महीनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लंबे समय से सफाई न होने के कारण पूरे इलाके में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
टावरी पाड़ा निवासी जगदीश प्रसाद और सुथार पाड़ा निवासी कोजाराम ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पिछले 6 महीनों से ग्राम पंचायत द्वारा न तो नालियों की सफाई करवाई गई है और न ही मोहल्ले में लंबे समय से पड़े कचरे के ढेरों को हटवाया गया है। नालियां कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है।
हर महीने हजारों का भुगतान, फिर भी काम शून्य
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत द्वारा हर महीने सफाई व्यवस्था के नाम पर हजारों रुपयों का भुगतान उठाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर काम शून्य है।
स्वास्थ्य संकट का डर: सड़ांध और बदबू के कारण मोहल्लेवासियों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
बीमारियों का खतरा: गंदे पानी और कचरे पर पनप रहे मच्छर-मक्खियों की वजह से इलाके में मौसमी व गंभीर बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
मासूम बच्चों पर असर: पास ही में आदर्श स्कूल होने के कारण रोज यहां से गुजरने वाले छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भी इस दुर्गंध और गंदगी के बीच से होकर जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द नालियों की सफाई करवाई जाए और कचरे के ढेरों को हटाकर राहत दी जाए, अन्यथा उन्हें मजबूरन विरोध-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।