📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
स्थानीय
92 बस्तर गांवों में तिरंगा फहराया, भय से नई सुबह
✍️ organiser.org
🗓 17 अग. 2026, 03:57 PM
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बस्तर के 92 गांवों में तिरंगा फहराया गया, जो भय के दौर के बाद नई आशा का प्रतीक है।
बस्तर क्षेत्र के 92 गांवों में भारतीय तिरंगे को फहराया गया, जो भय के दौर के बाद एक नई आशा का प्रतीक है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, तिरंगे की उपस्थिति को क्षेत्र में स्थिरता और विश्वास की पुनःस्थापना का संकेत माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल गांवों को मुख्यधारा के नागरिक जीवन में पुनः एकीकृत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे राष्ट्रीय पहचान और समावेशिता को बढ़ावा मिलता है।
निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अब तिरंगा भय के बजाय आशा का प्रतीक बन गया है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, तिरंगे की उपस्थिति को क्षेत्र में स्थिरता और विश्वास की पुनःस्थापना का संकेत माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल गांवों को मुख्यधारा के नागरिक जीवन में पुनः एकीकृत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे राष्ट्रीय पहचान और समावेशिता को बढ़ावा मिलता है।
निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अब तिरंगा भय के बजाय आशा का प्रतीक बन गया है।