रक्षा
48 साल से जमीन के हक की लड़ाई, 90 साल की उम्र में भी मोहरी देवी को इंतजार!
48 साल से जमीन के हक की लड़ाई, 90 साल की उम्र में भी मोहरी देवी को इंतजार!
48 साल से जमीन के हक की लड़ाई, 90 साल की उम्र में भी मोहरी देवी को इंतजार!
📍 कुचामनसिटी, राजस्थान
जिस उम्र में इंसान को आराम और अपनों के सहारे की जरूरत होती है, उस उम्र में 90 वर्षीय मोहरी देवी अपनी जमीन का हक पाने के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। 💔
ग्राम पांचवा की करीब 19 बीघा जमीन के नामांतरण के लिए उनका परिवार वर्ष 1978 से संघर्ष कर रहा है। इस लंबी लड़ाई में पति रामूराम और बेटे भंवरलाल का भी निधन हो गया, लेकिन जमीन का हक पाने की उम्मीद आज भी कायम है।
राहत की बात यह है कि 12 अक्टूबर को उपखंड अधिकारी ने मोहरी देवी के पक्ष में नामांतरण के आदेश जारी किए हैं। हालांकि, आदेश में स्पष्टता नहीं होने के कारण अब तक राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, नामांतरण की प्रक्रिया की जा रही है।
सवाल यह है कि आखिर 90 साल की बुजुर्ग महिला को अपने ही हक के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?
उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर मोहरी देवी को न्याय दिलाएगा, ताकि जीवन के इस अंतिम पड़ाव पर उन्हें अपने हक की जमीन मिल सके।
आपकी राय में, ऐसे मामलों में बुजुर्गों को जल्द न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए
📍 कुचामनसिटी, राजस्थान
जिस उम्र में इंसान को आराम और अपनों के सहारे की जरूरत होती है, उस उम्र में 90 वर्षीय मोहरी देवी अपनी जमीन का हक पाने के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। 💔
ग्राम पांचवा की करीब 19 बीघा जमीन के नामांतरण के लिए उनका परिवार वर्ष 1978 से संघर्ष कर रहा है। इस लंबी लड़ाई में पति रामूराम और बेटे भंवरलाल का भी निधन हो गया, लेकिन जमीन का हक पाने की उम्मीद आज भी कायम है।
राहत की बात यह है कि 12 अक्टूबर को उपखंड अधिकारी ने मोहरी देवी के पक्ष में नामांतरण के आदेश जारी किए हैं। हालांकि, आदेश में स्पष्टता नहीं होने के कारण अब तक राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, नामांतरण की प्रक्रिया की जा रही है।
सवाल यह है कि आखिर 90 साल की बुजुर्ग महिला को अपने ही हक के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?
उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर मोहरी देवी को न्याय दिलाएगा, ताकि जीवन के इस अंतिम पड़ाव पर उन्हें अपने हक की जमीन मिल सके।
आपकी राय में, ऐसे मामलों में बुजुर्गों को जल्द न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए