🔥 TRENDING ਦੀਵਾਲੀ ''ਤੇ ਸਵੇਰੇ 1 ਤੇ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ 2 ਘੰਟੇ... देवरिया के नेशनल हाईवे पर बोलेरो टक्कर... निसर्गप्रेम आणि सामाजिक बांधिलकीचा अनो... निसर्गप्रेम आणि सामाजिक बांधिलकीचा अनो... सुमेरपुर बस स्टैंड की बदहाल सड़कें, दी... mathura अहोई अष्टमी पर सुरक्षा के कड़े...
02 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Agriculture

30 अक्टूबर को किसानों का धरना, 31 अक्टूबर को जिलाधिकारी की बैठक और फिर केसर मिल पहुंचे अधिकारी हल्की नोक झोंक के साथ —बकाया भुगतान पर अब सबकी नजर

✍️ Reporter: Jeetesh Singh 🗓 02 Nov 2026, 05:03 PM 👁 15
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बरेली के बहेड़ी में केसर शुगर मिल से किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर 30 अक्टूबर को धरना और 31 अक्टूबर को जिलाधिकारी की बैठक हुई। इसके बाद सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने मिल के सीईओ से मुलाकात कर स्थिति पर चर्चा की।

बहेड़ी में केसर शुगर मिल से किसानों का 162 करोड़ बकाया गन्ना भुगतान का मामला लगातार चर्चा में है। भुगतान की मांग को लेकर 30 अक्टूबर को नई गन्ना सोसाइटी, बहेड़ी में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसके तुरंत बाद 31 अक्टूबर को जिलाधिकारी की बैठक में भी बकाया भुगतान और मिल की संपत्ति की नीलामी से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। अब प्रशासनिक अधिकारियों के मिल पहुंचने से मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

सोमवार को बहेड़ी एसडीएम, नवाबगंज एसडीएम, सीडीओ बरेली और तहसीलदार बहेड़ी सहित प्रशासनिक अधिकारी केसर शुगर मिल पहुंचे। अधिकारियों ने मिल के सीईओ शरद मिश्रा से मुलाकात कर किसानों के बकाया भुगतान की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान सीईओ ने वीडियो कॉल के माध्यम से मिल मालिक से भी अधिकारियों की बात कराई।

मिली जानकारी के अनुसार, मिल मालिक ने मिल का संचालन जारी रखने में असमर्थता जताते हुए कहा कि मिल बिकने के बाद किसानों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने नीलामी से मिलने वाली धनराशि से भुगतान करने की बात कही। साथ ही, गन्ना क्रय केंद्रों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाया कि यदि केंद्र ही नहीं होंगे, तो मिल का संचालन कैसे संभव होगा।

मिल की संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया पहले भी स्थगित हो चुकी है और मिल खरीदने से जुड़े प्रस्तावों में भुगतान संबंधी अड़चनों और कानूनी कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं। हालाकि नीलामी की नई तारीख 17 नवंबर को लगाई गई है। लगातार बकाया भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को अब ठोस कार्रवाई का इंतजार है, हालांकि 30 अक्टूबर के धरना और 31 अक्टूबर की बैठक के बावजूद भुगतान की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। अब प्रशासन और मिल प्रबंधन द्वारा उठाए जाने वाले कदम और भुगतान की समय-सीमा तय होने की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
📲Get App