📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wurlover
मनोरंजन
डीएसपी की ‘येल्लम्मा’ टाइटल सॉन्ग में 100 लोक कलाकारों का सहयोग
✍️ Gulte
🗓 31 अक्टू. 2026, 03:37 PM
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डिएसपी की नई श्रृंखला ‘येल्लम्मा’ के टाइटल ट्रैक में 100 लोक गायक शामिल हो रहे हैं, जिससे प्रामाणिक क्षेत्रीय संगीत का समावेश होगा।
डीएसपी, जो नई टेलीविजन श्रृंखला ‘येल्लम्मा’ का निर्माण कर रहा है, ने बताया है कि इस शो के टाइटल सॉन्ग में सौ लोक कलाकारों को आवाज़ देंगे। यह पहल कहानी के पृष्ठभूमि वाले क्षेत्र की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाने और पारंपरिक संगीत को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से की गई है।
विभिन्न लोक परम्पराओं से चुने गए इन गायक‑गायिकाओं को संगीत निर्देशक के मार्गदर्शन में रिकॉर्डिंग सत्र में भाग लेना होगा। आयोजकों का कहना है कि इस बड़े पैमाने पर सहयोग से जमीनी कलाकारों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ेगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यापक लोक भागीदारी से क्षेत्रीय कलाकारों की दृश्यता में इज़ाफ़ा होगा और भविष्य में समान परियोजनाओं को प्रेरणा मिलेगी। टाइटल सॉन्ग श्रृंखला के लॉन्च के साथ ही दर्शकों के सामने आएगा।
डिएसपी ने अभी तक व्यक्तिगत कलाकारों के नाम या रिकॉर्डिंग शेड्यूल की विस्तृत जानकारी नहीं दी है, पर इस घोषणा ने लोक संगीत प्रेमियों और श्रृंखला के दर्शकों में उत्सुकता पैदा कर दी है।
यह कदम भारतीय मनोरंजन जगत में समकालीन कथा को प्रामाणिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के साथ जोड़ने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है, जिससे टेलीविजन संगीत उत्पादन में नया मानक स्थापित हो सकता है।
विभिन्न लोक परम्पराओं से चुने गए इन गायक‑गायिकाओं को संगीत निर्देशक के मार्गदर्शन में रिकॉर्डिंग सत्र में भाग लेना होगा। आयोजकों का कहना है कि इस बड़े पैमाने पर सहयोग से जमीनी कलाकारों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ेगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यापक लोक भागीदारी से क्षेत्रीय कलाकारों की दृश्यता में इज़ाफ़ा होगा और भविष्य में समान परियोजनाओं को प्रेरणा मिलेगी। टाइटल सॉन्ग श्रृंखला के लॉन्च के साथ ही दर्शकों के सामने आएगा।
डिएसपी ने अभी तक व्यक्तिगत कलाकारों के नाम या रिकॉर्डिंग शेड्यूल की विस्तृत जानकारी नहीं दी है, पर इस घोषणा ने लोक संगीत प्रेमियों और श्रृंखला के दर्शकों में उत्सुकता पैदा कर दी है।
यह कदम भारतीय मनोरंजन जगत में समकालीन कथा को प्रामाणिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के साथ जोड़ने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है, जिससे टेलीविजन संगीत उत्पादन में नया मानक स्थापित हो सकता है।