📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aapkabalram
राजनीति
योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर एसआईआर झूठा दावा करने का आरोप लगाया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 29 अक्टू. 2026, 10:16 PM
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राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर एसआईआर रिपोर्ट के बारे में झूठा दावा करने का आरोप लगाया, इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर एसआईआर रिपोर्ट के बारे में झूठा दावा करने का आरोप लगाया है। दिल्ली से जारी बयान में उन्होंने चुनाव आयोग को "झूठा कथानक" पेश करने का दोषी ठहराया और इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
योगेंद्र यादव, बाएँ पक्ष के वरिष्ठ नेता, ने कहा कि आयोग ने एसआईआर के निष्कर्षों का "कृतिम संस्करण" प्रस्तुत किया है और इसे "झूठ का पुलिंदा" कहा। उन्होंने जनता व मीडिया को रिपोर्ट की पद्धति की जाँच करने और पारदर्शिता की माँग करने का आग्रह किया।
चुनाव आयोग, जो देशभर के चुनावों की निगरानी करता है, ने अपनी कार्यवाही को निष्पक्ष और डेटा‑आधारित बताया है। फिर भी, योगेंद्र यादव की आलोचना ने राजनीतिक विश्लेषकों के बीच आयोग की रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है।
यह घटना आगामी चुनावों की तैयारी के बीच हुई है, और आयोग की रिपोर्टों पर किसी भी संदेह से चुनावी प्रक्रिया के प्रति सार्वजनिक धारणा प्रभावित हो सकती है।
योगेंद्र यादव के बयानों पर अन्य राजनीतिक हस्तियों ने भी प्रतिक्रिया दी है, कुछ ने आयोग की विश्वसनीयता की रक्षा की है जबकि कुछ ने एसआईआर डेटा के स्वतंत्र ऑडिट की माँग की है।
योगेंद्र यादव, बाएँ पक्ष के वरिष्ठ नेता, ने कहा कि आयोग ने एसआईआर के निष्कर्षों का "कृतिम संस्करण" प्रस्तुत किया है और इसे "झूठ का पुलिंदा" कहा। उन्होंने जनता व मीडिया को रिपोर्ट की पद्धति की जाँच करने और पारदर्शिता की माँग करने का आग्रह किया।
चुनाव आयोग, जो देशभर के चुनावों की निगरानी करता है, ने अपनी कार्यवाही को निष्पक्ष और डेटा‑आधारित बताया है। फिर भी, योगेंद्र यादव की आलोचना ने राजनीतिक विश्लेषकों के बीच आयोग की रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है।
यह घटना आगामी चुनावों की तैयारी के बीच हुई है, और आयोग की रिपोर्टों पर किसी भी संदेह से चुनावी प्रक्रिया के प्रति सार्वजनिक धारणा प्रभावित हो सकती है।
योगेंद्र यादव के बयानों पर अन्य राजनीतिक हस्तियों ने भी प्रतिक्रिया दी है, कुछ ने आयोग की विश्वसनीयता की रक्षा की है जबकि कुछ ने एसआईआर डेटा के स्वतंत्र ऑडिट की माँग की है।