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14 Oct 2026•
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यूपी में 3 महीने में पंचायत चुनाव कराने का आदेश… इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

यूपी में 3 महीने में पंचायत चुनाव कराने का आदेश… इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

✍️ Reporter: ashif 🗓 14 Oct 2026, 06:44 PM 👁 12
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज बुधवार को अपने अहम फैसले में उत्तर प्रदेश में 3 महीने में ग्राम पंचायत चुनाव को कराने का आदेश दिया है
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज बुधवार को अपने अहम फैसले में उत्तर प्रदेश में 3 महीने में ग्राम पंचायत चुनाव को कराने का आदेश दिया है. कोर्ट ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने से जुड़े मामले पर आज अपना फैसला सुनाया. फिलहाल निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक बने रहेंगे. हाईकोर्ट में 11 याचिकाओं में समय से चुनाव कराने और प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने को चुनौती दी गई थी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव कराने का मामला लंबे समय से चल रहा था. प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था. लेकिन अब हाईकोर्ट ने 3 महीने में ग्राम पंचायत चुनाव को कराने का आदेश दिया है, साथ ही प्रशासक अगले 3 महीने तक काम करते रहेंगे.
जस्टिस अजीत और गरिमा की बेंच ने सुनाया फैसला
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब तीन घंटे की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बाद में 3 महीने में चुनाव कराने का आदेश सुनाया. जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाया
कोर्ट ने आज के अपने फैसले में कहा कि OBC आयोग अपना काम करता रहेगा और उसके काम में कोई बाधा नहीं आएगी, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया आयोग के काम पर निर्भर नहीं करेगी. पंचायत चुनाव मौजूदा नियमों और ढांचे के तहत ही होंगे. इसमें 27% आरक्षण की व्यवस्था का भी पालन किया जाएगा. प्रशासक तीन महीने तक काम करते रहेंगे.

हाईकोर्ट में काफी समय से पंचायत राज चुनाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी और यह सुनवाई 8 अक्टूबर को पूरी हुई थी. सुनवाई के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से एफिडेविट दाखिल किया गया. कोर्ट ने एफिडेविट को रिकॉर्ड पर भी लिया.
UP सरकार के 25 मई के फैसले को दी गई थी चुनौती
कोर्ट में दाखिल कुल 11 याचिकाओं में समय से चुनाव कराने और प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने को चुनौती दी गई है, जिसमें 6 जनहित याचिकाएं भी शामिल हैं. याचिकाओं में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की 25 मई के फैसले को चुनौती दी गई थी. याचिका में प्रदेश में समय से पंचायत चुनाव समय से नहीं कराने जाने पर भी सवाल उठाए गए थे.
याचिका में यूपी सरकार, निदेशक पंचायती राज, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी को पक्षकार सरकार बनाया गया. हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल सभी याचिकाओं को एक साथ संबद्ध कर दिया. हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की. हाईकोर्ट में दशरथ यादव, एडवोकेट इम्तियाज हुसैन, अनिल कुमार, अकबर अंसारी और हेमचंद्र की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई थी.

9 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने OBC आयोग की रिपोर्ट पर असंतोष जताया. कोर्ट ने कहा कि यह रिपोर्ट फील्ड में जाकर नहीं बनाई गई. कोर्ट ने ऑफिस में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने पर सवाल उठाए.
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