📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Cinemadaladla21
मनोरंजन
लेखिका अपुर्व असरानी ने 13 साल के OTT विलंब पर सवाल, फिल्म अब स्ट्रीमिंग पर
✍️ Mid-Day
🗓 29 सित. 2026, 02:38 PM
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लेखिका अपुर्व असरानी ने फिल्म को 13 साल बाद OTT पर आने पर असंतोष जताया, समय को लेकर सवाल उठाए।
शाहिद श्रृंखला के लेखिका अपुर्व असरानी ने हाल ही में एक फिल्म को ओटीटी (ऑवर‑द‑टॉप) प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने में 13 साल के अनावश्यक विलंब पर अपना असंतोष व्यक्त किया। यह फ़िल्म, जो एक दशक से अधिक समय पहले रिलीज़ हुई थी, अब आखिरकार डिजिटल स्ट्रीमिंग पर आई है।
असरानी ने मिड‑डे को दिए एक बयान में कहा कि इस देर से रिलीज़ का कारण समझ से बाहर है और यह निर्माताओं तथा दर्शकों दोनों के हितों को नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने वितरणकर्ताओं से समय पर डिजिटल रिलीज़ की नीति अपनाने की अपील की।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकारों के विवाद या सीमित थियेटर प्रदर्शन के कारण कभी‑कभी ओटीटी पर देर से रिलीज़ होती है, पर 13 साल जैसा अंतराल अत्यंत दुर्लभ है और इससे फ़िल्म की प्रासंगिकता और आय पर असर पड़ सकता है।
असरानी के इस बयान ने भारत में डिजिटल अधिकार प्रबंधन की स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता पर चर्चा को तेज़ कर दिया है, और कई फ़िल्म निर्माताओं ने समान विलंब को रोकने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की है।
असरानी ने मिड‑डे को दिए एक बयान में कहा कि इस देर से रिलीज़ का कारण समझ से बाहर है और यह निर्माताओं तथा दर्शकों दोनों के हितों को नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने वितरणकर्ताओं से समय पर डिजिटल रिलीज़ की नीति अपनाने की अपील की।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकारों के विवाद या सीमित थियेटर प्रदर्शन के कारण कभी‑कभी ओटीटी पर देर से रिलीज़ होती है, पर 13 साल जैसा अंतराल अत्यंत दुर्लभ है और इससे फ़िल्म की प्रासंगिकता और आय पर असर पड़ सकता है।
असरानी के इस बयान ने भारत में डिजिटल अधिकार प्रबंधन की स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता पर चर्चा को तेज़ कर दिया है, और कई फ़िल्म निर्माताओं ने समान विलंब को रोकने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की है।