📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rehman Abubakr
बिज़नेस
सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का उद्घाटन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 सित. 2026, 06:02 PM
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सीहोर में 13 महीने में तैयार हुई 888 करोड़ की लागत वाली फैक्ट्री ने दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का उद्घाटन किया, जो सालाना 365 हाई‑कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर बनाकर लगभग 2,000 लोगों को रोजगार देगी।
मध्य प्रदेश के सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का औपचारिक उद्घाटन हुआ। 13 महीने में तैयार की गई इस फैक्ट्री की लागत लगभग 888 करोड़ रुपये बताई जा रही है और यह हर साल 1,200 kV तक की 365 हाई‑कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर बनाने में सक्षम होगी।
इस परियोजना से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिसमें कुशल इंजीनियरों से लेकर असेंबली लाइन के कामगारों तक शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह इकाई भारत की बढ़ती पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करेगी और उच्च वोल्टेज उपकरणों के आयात पर निर्भरता को कम करेगी।
राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने इस उद्घाटन में भाग लिया और इसे "मेक इन इंडिया" पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस फैक्ट्री का उत्पादन राष्ट्रीय ग्रिड प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ निर्यात बाजारों में भी भेजा जाएगा, जिससे सीहोर को पावर उपकरणों का एक रणनीतिक केंद्र बनाया जा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा का पैमाना, आधुनिक ऑटोमेशन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली इसे क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर उत्पादन के नए मानक स्थापित कर सकती है। संचालन की शुरुआत मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस परियोजना से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिसमें कुशल इंजीनियरों से लेकर असेंबली लाइन के कामगारों तक शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह इकाई भारत की बढ़ती पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करेगी और उच्च वोल्टेज उपकरणों के आयात पर निर्भरता को कम करेगी।
राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने इस उद्घाटन में भाग लिया और इसे "मेक इन इंडिया" पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस फैक्ट्री का उत्पादन राष्ट्रीय ग्रिड प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ निर्यात बाजारों में भी भेजा जाएगा, जिससे सीहोर को पावर उपकरणों का एक रणनीतिक केंद्र बनाया जा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा का पैमाना, आधुनिक ऑटोमेशन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली इसे क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर उत्पादन के नए मानक स्थापित कर सकती है। संचालन की शुरुआत मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।