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03 अक्टू. 2026•
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‘एक कचोरी, दो समोसा’ जैसे चटपटे नारे महिलाओं ने यौन हिंसा के खिलाफ उठाए
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Luca Galuzzi (Lucag)
अपराध

‘एक कचोरी, दो समोसा’ जैसे चटपटे नारे महिलाओं ने यौन हिंसा के खिलाफ उठाए

✍️ NDTV 🗓 03 अक्टू. 2026, 09:48 AM 👁 13
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भारत भर की महिलाओं ने ‘एक कचोरी, दो समोसा’ जैसे चटपटे नारे अपनाकर यौन अपराधों के खिलाफ आवाज़ उठाई है।

भारत के कई बड़े शहरों में महिलाओं के समूह ने यौन हिंसा के विरोध में हल्के‑फुल्के, खाने‑से‑जुड़े नारे अपनाए हैं। “एक कचोरी, दो समोसा” जैसा नारा अब रैलियों में गूँज रहा है, जिससे समाज में व्याप्त यौन अपराधों की बेतुकी स्वीकृति पर सवाल उठाया जा रहा है।

यह नारा सबसे पहले सोशल‑मीडिया पर वायरल हुआ, जहाँ कार्यकर्ता अपने बनाए हुए पोस्टर और छोटे‑छोटे वीडियो साझा कर रहे थे। जल्द ही दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में इस नारे के साथ सड़क प्रदर्शन हुए, जहाँ प्रतिभागी हाथ में पर्चे लेकर इस वाक्य को दोहराते हुए तेज़ पुलिस कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

आयोजकों का मानना है कि चटपटे शब्द जनता का ध्यान आकर्षित करते हैं और विशेषकर युवा वर्ग को जागरूक बनाते हैं, जो पारंपरिक विरोधी भाषणों से दूर रह सकते थे। पुलिस ने सार्वजनिक दबाव को स्वीकार किया और बताया कि कई राज्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा चल रही है, पर ठोस नीति परिवर्तन अभी बाकी हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि आकर्षक नारे केवल सतही प्रभाव देंगे, जब तक कि उन्हें ठोस सुधारों से समर्थन नहीं मिलता। वे सरकार से अपील करते हैं कि बढ़ती जन जागरूकता को व्यावहारिक कदमों में बदला जाए, जैसे तेज़ केस पंजीकरण, पीड़ित सहायता सेवाएँ और मौजूदा यौन अपराध कानूनों का कड़ा कार्यान्वयन।
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