📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
अपराध
दमोह में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से महिला की मौत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 26 अक्टू. 2026, 02:32 PM
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दमोह, मध्य प्रदेश में सर्दी‑जुकाम के इलाज के दौरान एक कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद एक महिला की मौत हो गई, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दमोह, मध्य प्रदेश के एक गाँव में सर्दी‑जुकाम के इलाज के सिलसिले में एक महिला को कथित झोलाछाप डॉक्टर ने इंजेक्शन दिया। इंजेक्शन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी की स्थिति में मृत्यु हो गई, जिससे उपचार की सुरक्षा पर सवाल उठे।
परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने गलत दवा का इंजेक्शन लगाया, जिससे महिला की मौत हुई। उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और डॉक्टर की योग्यता तथा इंजेक्शन की परिस्थितियों की पूरी जांच की मांग की।
दमोह पुलिस ने इस मामले को दर्ज कर लिया है और इसे अवैध चिकित्सा अभ्यास तथा दुष्कर्म के तहत जांच रही है। अधिकारियों ने मृतक के रिश्तेदारों, संदिग्ध डॉक्टर और घटना स्थल पर मौजूद गवाहों से बयान एकत्र किए हैं।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में बिना लाइसेंस वाले चिकित्सकों के चलन को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, जहाँ योग्य स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। स्वास्थ्य विभाग ने बार‑बार चेतावनी दी है कि ऐसे अनधिकृत प्रैक्टिस से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं और लोगों को केवल लाइसेंसधारी डॉक्टरों से ही इलाज कराना चाहिए।
वर्तमान में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग या आरोपी डॉक्टर से कोई आधिकारिक टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई है। जांच जारी है और आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही जारी की जाएगी।
परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने गलत दवा का इंजेक्शन लगाया, जिससे महिला की मौत हुई। उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और डॉक्टर की योग्यता तथा इंजेक्शन की परिस्थितियों की पूरी जांच की मांग की।
दमोह पुलिस ने इस मामले को दर्ज कर लिया है और इसे अवैध चिकित्सा अभ्यास तथा दुष्कर्म के तहत जांच रही है। अधिकारियों ने मृतक के रिश्तेदारों, संदिग्ध डॉक्टर और घटना स्थल पर मौजूद गवाहों से बयान एकत्र किए हैं।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में बिना लाइसेंस वाले चिकित्सकों के चलन को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, जहाँ योग्य स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। स्वास्थ्य विभाग ने बार‑बार चेतावनी दी है कि ऐसे अनधिकृत प्रैक्टिस से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं और लोगों को केवल लाइसेंसधारी डॉक्टरों से ही इलाज कराना चाहिए।
वर्तमान में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग या आरोपी डॉक्टर से कोई आधिकारिक टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई है। जांच जारी है और आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही जारी की जाएगी।