📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
नौकरी
पश्चिम बंगाल की प्रवासी कामगारों को वापस लाने की योजना पर केरल में चिंता
✍️ Business Standard
🗓 08 नव. 2026, 09:01 PM
👁 17
केरल से कामगारों को वापस लाने की पश्चिम बंगाल की पहल पर केरल अधिकारियों ने आपत्ति जताई, जिससे राज्य की कार्यशक्ति में बाधा का जोखिम है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने केरल में काम कर रहे हजारों बंगाली प्रवासी कामगारों को वापस लाने की योजना की घोषणा की है। यह कदम राज्य में बेरोजगारी को कम करने और बंगाली परिवारों के कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केरल के श्रम विभाग ने इस कदम पर आपत्ति जताई है, क्योंकि अचानक बड़ी संख्या में कामगारों का प्रस्थान चल रहे निर्माण और बागवानी परियोजनाओं को प्रभावित कर सकता है। केरल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर है, इसलिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय आवश्यक माना गया है।
दोनों पक्ष इस संक्रमण को सुगम बनाने के लिए चर्चा में हैं, जिसमें क्रमिक वापसी या पश्चिम बंगाल में अस्थायी रोजगार योजनाओं का प्रस्ताव शामिल है। यह मुद्दा भारत में अंतर-राज्यीय प्रवासन की जटिलताओं को उजागर करता है, जहाँ श्रम गतिशीलता अक्सर क्षेत्रीय आर्थिक आवश्यकताओं के साथ टकराती है।
केरल के श्रम विभाग ने इस कदम पर आपत्ति जताई है, क्योंकि अचानक बड़ी संख्या में कामगारों का प्रस्थान चल रहे निर्माण और बागवानी परियोजनाओं को प्रभावित कर सकता है। केरल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर है, इसलिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय आवश्यक माना गया है।
दोनों पक्ष इस संक्रमण को सुगम बनाने के लिए चर्चा में हैं, जिसमें क्रमिक वापसी या पश्चिम बंगाल में अस्थायी रोजगार योजनाओं का प्रस्ताव शामिल है। यह मुद्दा भारत में अंतर-राज्यीय प्रवासन की जटिलताओं को उजागर करता है, जहाँ श्रम गतिशीलता अक्सर क्षेत्रीय आर्थिक आवश्यकताओं के साथ टकराती है।