📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
स्वास्थ्य
पश्चिम बंगाल के निजी अस्पतालों ने तीन‑स्तरीय नियामक ढांचा मांगा
✍️ Medical Dialogues
🗓 30 सित. 2026, 10:46 AM
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पश्चिम बंगाल के निजी अस्पतालों ने गुणवत्ता और मूल्य नियंत्रण के लिए तीन‑स्तरीय नियामक ढांचा माँगा है।
कोलकाता, 30 सितंबर — पश्चिम बंगाल के विभिन्न निजी अस्पतालों ने राज्य सरकार से तीन‑स्तरीय नियामक ढांचा लागू करने का औपचारिक अनुरोध किया है। अस्पतालों का कहना है कि इस प्रकार का वर्गीकरण सुविधाओं, मूल्य निर्धारण और सेवा गुणवत्ता के लिए अलग‑अलग मानक स्थापित करेगा, जिससे रोगियों का भरोसा बढ़ेगा।
प्रस्तावित मॉडल में अस्पतालों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक तीन स्तरों में विभाजित किया जाएगा, प्रत्येक स्तर के लिए अलग लाइसेंसिंग मानदंड, शुल्क संरचना और निगरानी प्रावधान होंगे। प्रतिनिधि बताते हैं कि वर्तमान एक‑समान नियम सभी संस्थानों पर लागू नहीं हो पाता, चाहे वे छोटे क्लिनिक हों या बड़े तृतीयक देखभाल केंद्र।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव प्राप्त कर लिया है और आगामी नीति बैठकों में इस पर विचार करने का संकेत दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का ढांचा अन्य भारतीय राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जो निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के नियमन को सुदृढ़ करेगा।
प्रस्तावित मॉडल में अस्पतालों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक तीन स्तरों में विभाजित किया जाएगा, प्रत्येक स्तर के लिए अलग लाइसेंसिंग मानदंड, शुल्क संरचना और निगरानी प्रावधान होंगे। प्रतिनिधि बताते हैं कि वर्तमान एक‑समान नियम सभी संस्थानों पर लागू नहीं हो पाता, चाहे वे छोटे क्लिनिक हों या बड़े तृतीयक देखभाल केंद्र।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव प्राप्त कर लिया है और आगामी नीति बैठकों में इस पर विचार करने का संकेत दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का ढांचा अन्य भारतीय राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जो निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के नियमन को सुदृढ़ करेगा।