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वेस्ट बंगाल सरकार ने 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों का पुनः सत्यापन आदेशित किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rangan Datta Wiki
राजनीति

वेस्ट बंगाल सरकार ने 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों का पुनः सत्यापन आदेशित किया

✍️ Newsonair 🗓 15 अग. 2026, 10:03 PM 👁 36
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वेस्ट बंगाल सरकार ने 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों का व्यापक पुनः सत्यापन करने का निर्देश दिया है, ताकि दुरुपयोग रोका जा सके और प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सके।

15 अगस्त 2024 को वेस्ट बंगाल सरकार ने 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों का पुनः सत्यापन करने का आदेश दिया। यह कदम आरक्षण लाभों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच आया है।

सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, हर प्रमाणपत्र को मूल अभिलेखों और उपलब्ध बायोमेट्रिक डेटा के साथ मिलान किया जाएगा। जिला कार्यालयों में जाँच की जाएगी और केवल सत्यापित प्रमाणपत्र ही जारी किये जाएंगे।

सरकार का कहना है कि इस पहल से आरक्षण प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी और आर्थिक नुकसान रोका जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगने की संभावना है, और प्रभावित आवेदकों को किसी भी बदलाव की सूचना दी जाएगी।

आलोचकों का तर्क है कि पुनः सत्यापन से वैध लाभार्थियों को असुविधा होगी, जबकि समर्थक इसे न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम मानते हैं।

इसके साथ ही, सरकार ने पुनः सत्यापन के समय-सीमा और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की है।
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