📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
राजनीति
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने शहरी भूमि अधिनियम को समाप्त करने की मांग की
✍️ The Economic Times
🗓 02 अक्टू. 2026, 08:37 PM
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पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने शहरी भूमि अधिनियम को हटाने की मांग की, इसे पुराना और विकास में बाधा मानते हुए।
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने शहरी भूमि (अधिग्रहण और स्थानांतरण) अधिनियम को समाप्त करने की मांग की है, यह कहते हुए कि यह कानून पुराना है और शहरी विकास में बाधा डालता है। मंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के प्रावधान निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा करते हैं और आवश्यक बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्ट्स में देरी करते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से सार्वजनिक हित और निजी निवेश के बीच संतुलन बनाने वाले वैकल्पिक भूमि अधिग्रहण ढाँचे पर विचार करने का आग्रह किया।
शहरी भूमि अधिनियम 2013 में लागू हुआ था, जिसका उद्देश्य शहरी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को सरल बनाना था। परंतु आलोचकों का कहना है कि इसके कठोर शर्तें और लंबी अनुमोदन प्रक्रियाएँ विकास को रोके हुए हैं और लागत बढ़ा रही हैं। मंत्री के इस बयान से डेवलपर्स और शहर योजनाकारों के बीच असंतोष स्पष्ट हो गया है।
वित्त मंत्री के इस बयान पर राज्य सरकार से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह बदलाव का आह्वान नीति निर्माताओं, रियल‑एस्टेट हितधारकों और स्थानीय समुदायों के बीच शहरी भूमि कानूनों के भविष्य पर बहस को प्रज्वलित करेगा।
शहरी भूमि अधिनियम 2013 में लागू हुआ था, जिसका उद्देश्य शहरी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को सरल बनाना था। परंतु आलोचकों का कहना है कि इसके कठोर शर्तें और लंबी अनुमोदन प्रक्रियाएँ विकास को रोके हुए हैं और लागत बढ़ा रही हैं। मंत्री के इस बयान से डेवलपर्स और शहर योजनाकारों के बीच असंतोष स्पष्ट हो गया है।
वित्त मंत्री के इस बयान पर राज्य सरकार से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह बदलाव का आह्वान नीति निर्माताओं, रियल‑एस्टेट हितधारकों और स्थानीय समुदायों के बीच शहरी भूमि कानूनों के भविष्य पर बहस को प्रज्वलित करेगा।