📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
शिक्षा
पश्चिम बंगाल विधानसभा ने अंतर‑विश्वविद्यालय शिक्षक स्थानांतरण बिल पारित करने के लिए विशेष सत्र बुलाया
✍️ The Indian Express
🗓 10 सित. 2026, 01:19 PM
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पश्चिम बंगाल विधानसभा ने आज विशेष सत्र में एक ऐसा बिल पेश किया जो राज्य के विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षकों और स्टाफ़ के स्थानांतरण को संभव बनाएगा।
कोलकाता – पश्चिम बंगाल विधानसभा ने आज एक विशेष सत्र आयोजित कर "अंतर‑विश्वविद्यालय शिक्षक एवं स्टाफ़ स्थानांतरण बिल" पर विचार किया, जिसका उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षकों और गैर‑शिक्षण कर्मचारियों के स्थानांतरण को सरल बनाना है। इस विधेयक में एक केंद्रीकृत प्राधिकरण के माध्यम से स्थानांतरण अनुरोधों की समीक्षा, पात्रता, सेवा अवधि और रिक्त पदों की जाँच की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
बिल में स्थानांतरित कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सेवा लाभ और वरिष्ठता को बरकरार रखने की व्यवस्था भी शामिल है।
विधायकों ने कहा कि यह कदम विश्वविद्यालयों की कर्मी‑संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक लचीलापन प्रदान करेगा, जिससे योग्य शिक्षकों को आवश्यक स्थानों पर जल्दी से तैनात किया जा सके। सत्र के अंत में बिल को सर्वसम्मति से पारित किया गया और अब यह राज्यपाल की स्वीकृति के बाद कानून बन जाएगा।
शिक्षा विभाग ने बताया कि नई व्यवस्था अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगी, जिससे पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण मानकों में सुधार की उम्मीद है।
बिल में स्थानांतरित कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सेवा लाभ और वरिष्ठता को बरकरार रखने की व्यवस्था भी शामिल है।
विधायकों ने कहा कि यह कदम विश्वविद्यालयों की कर्मी‑संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक लचीलापन प्रदान करेगा, जिससे योग्य शिक्षकों को आवश्यक स्थानों पर जल्दी से तैनात किया जा सके। सत्र के अंत में बिल को सर्वसम्मति से पारित किया गया और अब यह राज्यपाल की स्वीकृति के बाद कानून बन जाएगा।
शिक्षा विभाग ने बताया कि नई व्यवस्था अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगी, जिससे पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण मानकों में सुधार की उम्मीद है।