📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
राजनीति
पश्चिम बंगाल के सीएम ने 2026 तक 2.5 लाख मतुआ को सीएए प्रमाणपत्र देने का वादा किया
✍️ The Hindu
🗓 02 नव. 2026, 09:02 AM
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 2026 के अंत तक 2.5 लाख मतुआ समुदाय के लोगों को सीएए प्रमाणपत्र मिलेंगे।
कोलकाता, 2 नवंबर — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि राज्य सरकार 2026 के अंत तक मतुआ समुदाय के 2.5 लाख सदस्यों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के प्रमाणपत्र प्रदान करेगी। यह घोषणा राज्य की राजधानी में आयोजित एक प्रेस ब्रीफ़िंग में की गई, जहाँ सीएम ने मतुआ वर्ग की लंबी अवधि से चल रही मांगों को पूरा करने के अपने संकल्प को दोहराया।
बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के वंशज मतुआ समुदाय ने सीएए के तहत अपने नागरिकता दर्जे को नियमित करने की मांग की है। बनर्जी ने कहा कि सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर सत्यापन और दस्तावेजीकरण प्रक्रिया को तेज करेगी, जिससे पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र मिल सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह वादा आगामी चुनावों से पहले आया है, क्योंकि मतुआ मतदाता उत्तर बंगाल के कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। सीएम ने कहा कि यह कदम राज्य में हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सामाजिक सुरक्षा और एकीकरण प्रदान करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
विशिष्ट कार्यान्वयन समय‑सारिणी या बजट आवंटन का उल्लेख नहीं किया गया, परन्तु अधिकारियों ने बताया कि एक समर्पित टास्क‑फ़ोर्स प्रगति की निगरानी करेगा और मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित रूप से रिपोर्ट देगा।
बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के वंशज मतुआ समुदाय ने सीएए के तहत अपने नागरिकता दर्जे को नियमित करने की मांग की है। बनर्जी ने कहा कि सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर सत्यापन और दस्तावेजीकरण प्रक्रिया को तेज करेगी, जिससे पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र मिल सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह वादा आगामी चुनावों से पहले आया है, क्योंकि मतुआ मतदाता उत्तर बंगाल के कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। सीएम ने कहा कि यह कदम राज्य में हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सामाजिक सुरक्षा और एकीकरण प्रदान करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
विशिष्ट कार्यान्वयन समय‑सारिणी या बजट आवंटन का उल्लेख नहीं किया गया, परन्तु अधिकारियों ने बताया कि एक समर्पित टास्क‑फ़ोर्स प्रगति की निगरानी करेगा और मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित रूप से रिपोर्ट देगा।