📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
धर्म
पश्चिम बंगाल के ईसाइयों ने जनत्रिब्यूनल में हिंसा के गवाह पेश किए
✍️ The Hindu
🗓 03 नव. 2026, 04:32 AM
👁 17
पश्चिम बंगाल में ईसाइयों पर हुए भीड़भाड़ वाले हमले के शिकार ने जनत्रिब्यूनल में अपने अनुभव साझा किए, धार्मिक तनावों पर प्रकाश डाला।
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आए ईसाइयों के एक समूह ने हाल ही में हुई भीड़भाड़ वाली हिंसा के दौरान झेली गई चोटों और डरावनी घटनाओं को जनत्रिब्यूनल में बताया। उन्होंने शारीरिक हमले, संपत्ति का नुकसान और परिवारों के विस्थापन की कहानियाँ सुनाई।
नागरिक संगठनों द्वारा आयोजित इस ट्रिब्यूनल का उद्देश्य इन घटनाओं को दर्ज कर अधिकारियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाना था। उपस्थित लोगों ने पुलिस की देर से कार्रवाई और भविष्य में इसी तरह के साम्प्रदायिक दंगे की संभावना पर चिंता जताई।
मानवाधिकार पर्यवेक्षकों ने इन गवाही को राज्य में धार्मिक हिंसा के व्यापक पैटर्न के प्रमाण के रूप में पहचाना और सरकार से अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सत्र के अंत में एक स्वतंत्र जांच की मांग की गई और पीड़ितों ने अपराधियों को सजा दिलाने तथा सुरक्षा व मुआवजे की गारंटी की अपील की।
त्रिब्यूनल की रिपोर्ट को पश्चिम बंगाल पुलिस और राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजा जाएगा, जिससे आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
नागरिक संगठनों द्वारा आयोजित इस ट्रिब्यूनल का उद्देश्य इन घटनाओं को दर्ज कर अधिकारियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाना था। उपस्थित लोगों ने पुलिस की देर से कार्रवाई और भविष्य में इसी तरह के साम्प्रदायिक दंगे की संभावना पर चिंता जताई।
मानवाधिकार पर्यवेक्षकों ने इन गवाही को राज्य में धार्मिक हिंसा के व्यापक पैटर्न के प्रमाण के रूप में पहचाना और सरकार से अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सत्र के अंत में एक स्वतंत्र जांच की मांग की गई और पीड़ितों ने अपराधियों को सजा दिलाने तथा सुरक्षा व मुआवजे की गारंटी की अपील की।
त्रिब्यूनल की रिपोर्ट को पश्चिम बंगाल पुलिस और राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजा जाएगा, जिससे आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।