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28 सित. 2026•
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झारखंड में कमजोर और अनियमित मानसून से धान की फसल खतरे में
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Basile Morin
कृषि

झारखंड में कमजोर और अनियमित मानसून से धान की फसल खतरे में

✍️ jharkhandstatenews.com 🗓 30 अग. 2026, 01:17 AM 👁 49
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अनियमित और कम वर्षा ने झारखंड के धान किसानों को फसल में कमी के जोखिम में डाल दिया है।

झारखंड में इस वर्ष का मानसून अपेक्षा से देर से आया और अनियमित वर्षा के कारण धान की फसल पर गंभीर असर पड़ रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, लगातार बारिश न होने से बीज बोने का समय बिगड़ रहा है और मिट्टी की नमी घट रही है, जो धान की पैदावार के लिये आवश्यक है।

राज्य के प्रमुख धान उत्पादन क्षेत्रों में कई किसान जल की कमी की शिकायत कर रहे हैं, जिससे उन्हें सीमित सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ रहा है या बोवाई में देरी करनी पड़ रही है। ऐसी देरी से फसल की अवधि घट सकती है, जिससे छोटे किसान परिवारों की आय पर असर पड़ेगा।

झारखंड कृषि विभाग ने मिट्टी की नमी की निगरानी शुरू कर दी है और किसानों को जल‑संचयन एवं बचत तकनीकों को अपनाने की सलाह दे रहा है। साथ ही, कमजोर मानसून के प्रभाव को कम करने के लिये अतिरिक्त सिंचाई योजनाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
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