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08 नव. 2026•
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गुना में वन भूमि पर हिंसक संघर्ष: चार साल में आठ मौतें
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dubey Rahul
अपराध

गुना में वन भूमि पर हिंसक संघर्ष: चार साल में आठ मौतें

✍️ Bhaskar English 🗓 08 नव. 2026, 10:03 AM 👁 17
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मध्य प्रदेश के गुना जिले में वन भूमि को लेकर चल रहे झगड़े में चार साल में आठ लोगों की मौत, घरों में आग और स्लिंगशॉट से पत्थर फेंके गए।

मध्य प्रदेश के गुना जिले में वन भूमि को लेकर चल रहा विवाद पिछले चार वर्षों में कई हिंसक टकराव में बदल गया है। स्थानीय स्रोतों के अनुसार, इस झगड़े में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जहाँ विभिन्न समूह भूमि के अधिकारों को लेकर एक‑दूसरे से भिड़ते रहे हैं।

इन टकरावों में घरों में आग लगाना और स्लिंगशॉट से पत्थर फेंकना शामिल रहा है, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की हिंसा ने आसपास के गाँवों की सामान्य जीवनशैली को बिगाड़ दिया है और समुदायों के बीच तनाव बढ़ा है।

पुलिस और वन विभाग ने इस क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने और समाधान की दिशा में मध्यस्थता करने की कोशिश की है, परन्तु भूमि अधिकारों के गहरे मतभेद अभी भी संघर्ष को जारी रखे हुए हैं। राज्य सरकार ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे कानूनी रास्ते अपनाएँ और हिंसा से बचें।

अब तक कोई बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की घोषणा नहीं की गई है, और जांच जारी है ताकि हालिया हमलों के जिम्मेदारों की पहचान की जा सके। स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है, और स्थानीय लोग आगे के उग्रता की आशंका जताते हैं।

यह घटना मध्य भारत में वन‑भूमि प्रबंधन और भूमि‑अधिकार विवादों की व्यापक चुनौतियों को उजागर करती है, जहाँ अवैध अतिक्रमण और प्रतिस्पर्धी दावे अक्सर सामुदायिक तनाव का कारण बनते हैं।
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