📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MarcD.
स्थानीय
छत्तीसगढ़ में पुल के इंतजार में माता‑पिता ने धारा पार की बच्चों को कंधे पर उठाया
✍️ ETV Bharat
🗓 05 सित. 2026, 09:36 AM
👁 31
छत्तीसगढ़ के एक गांव में लोग तेज़ बहती धारा को पैदल पार कर रहे हैं, जबकि माता‑पिता अपने बच्चों को कंधे पर उठाकर पुल के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के एक गांव को तेज़ बहती धारा ने अलग कर दिया है, जो हालिया वर्षा के बाद बढ़ी है। पुल न होने के कारण लोग पानी में पैर रखकर पार कर रहे हैं, और कई माता‑पिता अपने छोटे बच्चों को कंधे पर उठाकर गिरने के खतरे से बचते हैं।
गांव वालों ने पुल के निर्माण के लिए अधिकारियों से कई बार अपील की है, लेकिन काम में देरी हो रही है। इस बीच, पानी लाना, बच्चों को स्कूल ले जाना और सामान ले जाना जैसी रोज़मर्रा की ज़रूरतें जोखिम भरे तरीके से पूरी की जा रही हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति की तात्कालिकता को स्वीकार किया है और पुल परियोजना को तेज़ करने का वादा किया है, हालांकि अभी तक कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई गई है। लोग अस्थायी उपायों पर निर्भर हैं, आशा करते हुए कि जल्द ही सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।
यह घटना ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे की कमी और मौसमी जलवायु के बीच उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को उजागर करती है, जो सुरक्षा और आजीविका दोनों को प्रभावित करती है।
गांव वालों ने पुल के निर्माण के लिए अधिकारियों से कई बार अपील की है, लेकिन काम में देरी हो रही है। इस बीच, पानी लाना, बच्चों को स्कूल ले जाना और सामान ले जाना जैसी रोज़मर्रा की ज़रूरतें जोखिम भरे तरीके से पूरी की जा रही हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति की तात्कालिकता को स्वीकार किया है और पुल परियोजना को तेज़ करने का वादा किया है, हालांकि अभी तक कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई गई है। लोग अस्थायी उपायों पर निर्भर हैं, आशा करते हुए कि जल्द ही सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।
यह घटना ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे की कमी और मौसमी जलवायु के बीच उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को उजागर करती है, जो सुरक्षा और आजीविका दोनों को प्रभावित करती है।