📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / D. Myles Cullen
देश
उप राष्ट्रपति ने उत्तर‑पूर्व में बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ शुरू कीं, मेघालय को 1,000 करोड़ रुपये की सुविधा
✍️ The Times of India
🗓 08 सित. 2026, 01:36 AM
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उप राष्ट्रपति ने उत्तर‑पूर्व में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया और मेघालय के लिए 1,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की।
नई दिल्ली – भारत के उप राष्ट्रपति ने उत्तर‑पूर्व में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के शुभारंभ में भाग लिया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कनेक्टिविटी और विकास को तेज़ करना है। यह समारोह केंद्र सरकार की इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
समारोह के दौरान उप राष्ट्रपति ने मेघालय के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष निधि की घोषणा की। यह राशि परिवहन, बिजली और सार्वजनिक सुविधाओं सहित कई क्षेत्रों में उपयोग की जाएगी, हालांकि विस्तृत परियोजना सूची अभी जारी नहीं की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि यह फंड मौजूदा योजनाओं के माध्यम से वितरित किया जाएगा और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं केंद्र दोनों एजेंसियों द्वारा निगरानी की जाएगी। इस निवेश से मेघालय में रोजगार सृजन और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
यह उद्घाटन उत्तर‑पूर्व में बुनियादी ढांचा अंतर को पाटने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि इस क्षेत्र को अन्य हिस्सों की तुलना में निवेश में पिछड़ाव रहा है।
मेघालय की सरकार के प्रतिनिधियों ने इस घोषणा का स्वागत किया और इसे दीर्घकालिक विकास चुनौतियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
समारोह के दौरान उप राष्ट्रपति ने मेघालय के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष निधि की घोषणा की। यह राशि परिवहन, बिजली और सार्वजनिक सुविधाओं सहित कई क्षेत्रों में उपयोग की जाएगी, हालांकि विस्तृत परियोजना सूची अभी जारी नहीं की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि यह फंड मौजूदा योजनाओं के माध्यम से वितरित किया जाएगा और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं केंद्र दोनों एजेंसियों द्वारा निगरानी की जाएगी। इस निवेश से मेघालय में रोजगार सृजन और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
यह उद्घाटन उत्तर‑पूर्व में बुनियादी ढांचा अंतर को पाटने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि इस क्षेत्र को अन्य हिस्सों की तुलना में निवेश में पिछड़ाव रहा है।
मेघालय की सरकार के प्रतिनिधियों ने इस घोषणा का स्वागत किया और इसे दीर्घकालिक विकास चुनौतियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।