📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sailko
स्थानीय
बारमेर के छाछरो ग्राम पंचायत के पहले सरपंच बने ठाकुर पदम सिंह सोढ़ा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 25 अक्टू. 2026, 08:01 PM
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1971 के भारत‑पाक युद्ध में योगदान के लिए प्रसिद्ध सोढ़ा परिवार के ठाकुर पदम सिंह, बारमेर के छाछरो (बावड़ी कल्ला) ग्राम पंचायत के पहले सरपंच चुने गए हैं।
1971 के भारत‑पाक युद्ध में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध सोढ़ा परिवार के सदस्य ठाकुर पदम सिंह सोढ़ा ने बारमेर जिले के छाछरो (बावड़ी कल्ला) ग्राम पंचायत के पहले सरपंच के रूप में चुनाव जीत लिया है।
स्थानीय मतदाताओं ने इस महीने आयोजित पहली पंचायत चुनाव में उन्हें स्पष्ट बहुमत से चुना, जिससे गाँव में औपचारिक स्वशासन की शुरुआत हुई।
उनकी जीत को परिवार की सार्वजनिक सेवा की परंपरा का निरंतरता माना जा रहा है, जो युद्धकालीन वीरता से लेकर अब गांव स्तर की राजनीति तक विस्तारित हो रही है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नई पंचायत का प्राथमिक ध्यान बुनियादी ढांचा, जल आपूर्ति और कृषि समर्थन पर रहेगा, जो राज्य की विकास योजनाओं के साथ तालमेल रखेगा।
समुदाय ने आशावाद व्यक्त किया है कि पदम सिंह का अनुभव और परिवार की प्रतिष्ठा दूरस्थ क्षेत्र में अधिक ध्यान और संसाधन आकर्षित करने में मदद करेगी।
स्थानीय मतदाताओं ने इस महीने आयोजित पहली पंचायत चुनाव में उन्हें स्पष्ट बहुमत से चुना, जिससे गाँव में औपचारिक स्वशासन की शुरुआत हुई।
उनकी जीत को परिवार की सार्वजनिक सेवा की परंपरा का निरंतरता माना जा रहा है, जो युद्धकालीन वीरता से लेकर अब गांव स्तर की राजनीति तक विस्तारित हो रही है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नई पंचायत का प्राथमिक ध्यान बुनियादी ढांचा, जल आपूर्ति और कृषि समर्थन पर रहेगा, जो राज्य की विकास योजनाओं के साथ तालमेल रखेगा।
समुदाय ने आशावाद व्यक्त किया है कि पदम सिंह का अनुभव और परिवार की प्रतिष्ठा दूरस्थ क्षेत्र में अधिक ध्यान और संसाधन आकर्षित करने में मदद करेगी।