📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Danny Rome
टेक्नोलॉजी
वृद्ध अभियंता व साइबरपीस निदेशक वी.के. रॉय का निधन, भारी उद्योग, अंतरिक्ष व एआई सुरक्षा में विरासत
✍️ TRIPURA STAR NEWS
🗓 10 सित. 2026, 04:18 AM
👁 44
प्रसिद्ध अभियंता व साइबरपीस निदेशक वी.के. रॉय का निधन, भारी उद्योग, अंतरिक्ष बुनियादी ढाँचा और एआई सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया गया।
प्रसिद्ध अभियंता वी.के. रॉय, जो साइबरपीस के निदेशक भी रहे, का हाल ही में निधन हो गया, यह जानकारी ट्रिपुरा स्टार न्यूज़ ने दी। कई दशकों तक चलने वाले करियर में उन्होंने भारत के भारी उद्योग को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई, उत्पादन दक्षता और सुरक्षा को बढ़ाने वाले कई प्रोजेक्ट्स की देखरेख की।
अंतरिक्ष क्षेत्र में उन्होंने महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा विकसित करने में योगदान दिया, राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर लॉन्च‑वेहिकल की विश्वसनीयता और उपग्रह संचार को सुदृढ़ किया। उनका तकनीकी ज्ञान पारंपरिक इंजीनियरिंग को उभरती अंतरिक्ष तकनीकों से जोड़ने में मददगार रहा।
एआई सुरक्षा में भी रॉय एक प्रमुख आवाज़ थे, उन्होंने कृत्रिम‑बुद्धिमत्ता प्रणालियों के साइबर‑खतरों से बचाव के लिए कड़े उपायों की वकालत की। साइबरपीस निदेशक के रूप में उन्होंने डिजिटल सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया और नैतिक एआई के प्रयोग पर केंद्रित नई पीढ़ी के अभियंताओं को मार्गदर्शन दिया।
सहकर्मियों ने उन्हें दूरदर्शी और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध कहा। उनका निधन भारत के औद्योगिक, अंतरिक्ष और साइबर‑सुरक्षा क्षेत्र में उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत को एक बड़ा नुकसान बनाता है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में उन्होंने महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा विकसित करने में योगदान दिया, राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर लॉन्च‑वेहिकल की विश्वसनीयता और उपग्रह संचार को सुदृढ़ किया। उनका तकनीकी ज्ञान पारंपरिक इंजीनियरिंग को उभरती अंतरिक्ष तकनीकों से जोड़ने में मददगार रहा।
एआई सुरक्षा में भी रॉय एक प्रमुख आवाज़ थे, उन्होंने कृत्रिम‑बुद्धिमत्ता प्रणालियों के साइबर‑खतरों से बचाव के लिए कड़े उपायों की वकालत की। साइबरपीस निदेशक के रूप में उन्होंने डिजिटल सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया और नैतिक एआई के प्रयोग पर केंद्रित नई पीढ़ी के अभियंताओं को मार्गदर्शन दिया।
सहकर्मियों ने उन्हें दूरदर्शी और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध कहा। उनका निधन भारत के औद्योगिक, अंतरिक्ष और साइबर‑सुरक्षा क्षेत्र में उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत को एक बड़ा नुकसान बनाता है।