राजनीति
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में 23 अक्टूबर से ईवीएम और वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी)*
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में 23 अक्टूबर से ईवीएम और वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी)*
🛑🛑 उत्तरकाशी, 22 अक्टूबर 2026
*विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में 23 अक्टूबर से ईवीएम और वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी)*
उत्तराखंड विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में 23 अक्टूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू होगी। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह प्रक्रिया ईसीआईएल के अधिकृत इंजीनियरों की ओर से संपन्न कराई जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने बताया कि ईवीएम एवं वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच के लिए जिला मुख्यालय कार्यालय परिसर उत्तरकाशी में स्थित ईवीएम एवं वीवीपीएटी के गोदामों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 से कार्य समाप्ति तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक एफएलसी का कार्य किया जाएगा। यह प्रक्रिया रविवार एवं अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों सहित निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा एवं विधानसभा के सामान्य अथवा उपचुनाव में केवल प्रथम स्तरीय जांच में प्रमाणित ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का ही उपयोग किया जाता है। एफएलसी की विस्तृत प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के मैनुअल ऑन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, संस्करण-9 (अगस्त 2026) के अध्याय-2 में निर्धारित है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.eci.gov.in/evm–vvpat पर भी उपलब्ध है। एफएलसी की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है।
इस प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों, महासचिवों एवं सचिवों को पत्र भेजकर एफएलसी प्रक्रिया के दौरान अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को नामित करने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में 17 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया था तथा 21 अक्टूबर को आयोजित बैठक में भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने प्रतिनिधियों को अधिकृत करते हुए एफएलसी प्रक्रिया में सहभागिता करें, ताकि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां पारदर्शी, व्यवस्थित एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न की जा सकें।
*विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में 23 अक्टूबर से ईवीएम और वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी)*
उत्तराखंड विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में 23 अक्टूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वीवीपीएटी मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू होगी। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह प्रक्रिया ईसीआईएल के अधिकृत इंजीनियरों की ओर से संपन्न कराई जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने बताया कि ईवीएम एवं वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच के लिए जिला मुख्यालय कार्यालय परिसर उत्तरकाशी में स्थित ईवीएम एवं वीवीपीएटी के गोदामों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 से कार्य समाप्ति तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक एफएलसी का कार्य किया जाएगा। यह प्रक्रिया रविवार एवं अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों सहित निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा एवं विधानसभा के सामान्य अथवा उपचुनाव में केवल प्रथम स्तरीय जांच में प्रमाणित ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का ही उपयोग किया जाता है। एफएलसी की विस्तृत प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के मैनुअल ऑन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, संस्करण-9 (अगस्त 2026) के अध्याय-2 में निर्धारित है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.eci.gov.in/evm–vvpat पर भी उपलब्ध है। एफएलसी की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है।
इस प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों, महासचिवों एवं सचिवों को पत्र भेजकर एफएलसी प्रक्रिया के दौरान अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को नामित करने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में 17 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया था तथा 21 अक्टूबर को आयोजित बैठक में भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने प्रतिनिधियों को अधिकृत करते हुए एफएलसी प्रक्रिया में सहभागिता करें, ताकि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां पारदर्शी, व्यवस्थित एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न की जा सकें।