🔥 ट्रेंडिंग पठानकोट में विकास 'जीरो': सीवरेज‑गंदा... बुलंदशहर के युवक का बागेश्वर धाम में 1... 6 अक्टूबर के बाद राजस्थान में बारिश के... जयपुर होटल में 32 वर्षीय युवक की संदिग... સાંપ્રત એજયુકેશન એન્ડ ચેરી. ટ્રસ્ટ સંસ... दमोह: बारिश के कारण चांदोरा गांव का श्...
02 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
स्थानीय

वृंदावन: शिष्य की आत्महत्या के बाद संत प्रेमानंद ने आश्रम की व्यवस्थाओं में किए बड़े बदलाव

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 02 अक्टू. 2026, 09:03 AM 👁 11
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में 25 वर्षीय शिष्या की आत्महत्या की घटना के बाद संत प्रेमानंद ने आश्रम की व्यवस्थाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। शिष्यों की दीक्षा, उपस्थिति, पहनावे और केश-दाढ़ी पर नए नियम लागू किए गए हैं।

वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में 25 वर्षीय शिष्या रसिक दुलारी शरण द्वारा आत्महत्या की घटना के बाद संत प्रेमानंद ने आश्रम की व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव किए हैं। इस घटना ने आश्रम की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े किए थे। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

इन बदलावों के तहत, मंगलवार को शिष्यों की अंतिम दीक्षा और आश्रम में उनकी उपस्थिति को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। बुधवार को गृहस्थ शिष्यों और आश्रम की सेवा से जुड़े संतों के लिए सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। केवल संत और आश्रम से जुड़े विरक्त शिष्यों को सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति होगी।

गुरुवार को संत प्रेमानंद ने यमुना पार जहांगीरपुर में स्थित अपने नए आश्रम पर प्रमुख शिष्यों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि आश्रम की किसी भी सेवा या व्यवस्था में लगे शिष्य लंबे बाल और दाढ़ी नहीं रख सकेंगे। गृहस्थ शिष्य जो केलिकुंज शिष्य परिकर या संत प्रेमानंद की निजी सेवा में लगे हैं, वही पीला और सफेद अचला पहन सकेंगे।

आश्रम की ओर से जारी सूचना में यह भी बताया गया है कि दीक्षा, उपस्थिति और संत प्रेमानंद के दर्शन को लेकर भी ठोस कदम उठाए गए हैं, जिनका प्रभाव आने वाले समय में दिखेगा। जो लोग दीक्षा लेने या संत के दर्शन की सोच रहे हैं, उन्हें अब पहले से अधिक व्यवस्थित प्रक्रिया मिलेगी।
📲Get App