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11 Oct 2026•
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विदिशा महाविद्यालय में 'अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026' थीम पर सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 11 Oct 2026, 01:07 PM 👁 8
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राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में 'अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026' की थीम पर एक सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर चर्चा हुई और छात्राओं ने नाट्य प्रस्तुति दी।

विदिशा के राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शासन के आदेशानुसार 'अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026' की थीम पर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, महाविद्यालय की छात्राओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में परिकल्पित 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने की दिशा में शिक्षा के महत्व को दर्शाती एक नाट्य प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के वैचारिक सत्र में 'एनईपी: शिक्षा से विकसित भारत' विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस चर्चा में 'भारत में शिक्षा का भविष्य' विषय पर महाविद्यालय की छात्राओं और प्राध्यापकों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। यह सत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों और भविष्य की शिक्षा प्रणाली पर केंद्रित रहा।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ॰ बी.डी. अहिरवार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय के साथ ज्ञान-विज्ञान और सभ्यता में निरंतर परिवर्तन होता रहता है, जिसके अनुरूप शिक्षा-व्यवस्था में भी बदलाव आवश्यक है। उन्होंने विकसित भारत के स्वप्न को शिक्षा के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि दोनों एक दूसरे को प्रभावित करते रहेंगे।

इस विचार-विमर्श में डॉ. सीमा चक्रवर्ती, प्रो. अस्मुरारी नंदन मिश्र, प्रो. नीतू दांगी, पंकज शरण श्रीवास्तव और महाविद्यालय की छात्राओं ने अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। कार्यक्रम का सफल संचालन डाॅ. राजुला अलबर्ट ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मलखान सिंह, प्रो. विशाखा नागर, डाॅ. ऋचा शर्मा, डाॅ. रमा सिंह सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों और स्टाफ का सक्रिय सहयोग रहा।
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