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22 अक्टू. 2026•
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स्वास्थ्य

विदिशा में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने के लिए 'सुमन' और 'एसएसबीएसके' जिला एक्शन रोडमैप लॉन्च

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 22 अक्टू. 2026, 06:23 PM 👁 19
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विदिशा जिले में मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) को 150 से घटाकर 70 से कम और नवजात मृत्यु दर को 29 से घटाकर 12 से नीचे लाने के लिए विशेष जिला एक्शन रोडमैप शुरू किया गया है।

विदिशा जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और रोकी जा सकने वाली मृत्युओं को शून्य करने के उद्देश्य से सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN) एवं समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SSBSK) के अंतर्गत जिला एक्शन रोडमैप लॉन्च किया गया है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सा अधिकारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य जिले के वर्तमान मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) को 150 से घटाकर 70 से कम तथा नवजात मृत्यु दर (NMR) को 29 से घटाकर 12 से नीचे लाना है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विदिशा मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा चौरसिया और डॉ. प्रमोद मिश्रा ने हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान, प्रसवोत्तर रक्तस्राव (PPH) और एक्लम्पसिया जैसी गंभीर जटिलताओं के त्वरित उपचार पर प्रकाश डाला। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गंभीर मरीजों को निर्धारित रेफरल प्रोटोकॉल के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जाए और लेबर रूम में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। साथ ही, गर्भावस्था पूर्व जांच, किशोरियों के पोषण में सुधार और हाई-रिस्क महिलाओं की नियमित निगरानी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

रोडमैप के तहत प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा को कम से कम 48 घंटे तक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय निगरानी में रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे संक्रमण और अन्य जटिलताओं की समय पर पहचान हो सके। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए बर्थ वेटिंग होम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए 24×7 सुमन हेल्पडेस्क (नंबर 7400650171 और 8103539549) संचालित की जाएगी। शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु वाली ग्राम पंचायतों को 'सुमन पंचायत' के रूप में प्रमाणित करने की भी पहल की जाएगी।

कार्यशाला में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिसमें पात्र हितग्राहियों को कैशलेस डिलीवरी के साथ आवश्यक दवाएं, जांच और परिवहन सुविधा शामिल है। अधिकारियों ने जिला एक्शन रोडमैप के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में गतिविधियों की नियमित समीक्षा, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की प्रभावी ट्रैकिंग और रेफरल व्यवस्था को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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