अपराध
विरार-अलीबाग कॉरिडोर में मुआवजा घोटाले के 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर में अवैध निर्माण दिखाकर सरकारी मुआवजा हासिल करने की साजिश का खुलासा, चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सात दिन की हिरासत में भेजा गया।
विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर की जमीन पर अवैध निर्माण दिखाकर सरकारी मुआवजा प्राप्त करने की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मोरी में लगभग दो हजार कमरे बनाकर उन्हें पुराने निर्माण के रूप में पेश करने की कोशिश की गई।
प्रत्येक कमरे के लिये लगभग चौदह लाख रुपये मुआवजे की आशा की गई थी। जांच में पता चला कि 2022‑23 में निर्मित इन कमरों को 2018‑19 के विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों के माध्यम से पुराना दिखाया गया।
इस मामले में अमित माताप्रसाद मिश्रा, प्रकाशचंद्र अमरनाथ शुक्ला, जगनारायण बालकरण गुप्ता और राजकुमार मोतीलाल यादव को गिरफ्तार कर सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। चारों को साथ ही 13 अन्य व्यक्तियों के नाम भी जांच के दायरे में रखे गये हैं।
पुलिस ने कहा कि यदि साक्ष्य स्पष्ट हुए तो आरोपियों पर ठगी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्येक कमरे के लिये लगभग चौदह लाख रुपये मुआवजे की आशा की गई थी। जांच में पता चला कि 2022‑23 में निर्मित इन कमरों को 2018‑19 के विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों के माध्यम से पुराना दिखाया गया।
इस मामले में अमित माताप्रसाद मिश्रा, प्रकाशचंद्र अमरनाथ शुक्ला, जगनारायण बालकरण गुप्ता और राजकुमार मोतीलाल यादव को गिरफ्तार कर सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। चारों को साथ ही 13 अन्य व्यक्तियों के नाम भी जांच के दायरे में रखे गये हैं।
पुलिस ने कहा कि यदि साक्ष्य स्पष्ट हुए तो आरोपियों पर ठगी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।