Crime
विरार-अलीबाग कॉरिडोर की जमीन पर मुआवजा घोटाला, चार आरोपी गिरफ्तार
विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर में अवैध निर्माण दिखाकर सरकारी मुआवजा प्राप्त करने की साजिश में चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
वसई‑मुंबई के विरार‑अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर की जमीन पर सरकारी मुआवजा हासिल करने के लिए एक साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसमें चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, मोरी मोजे में लगभग 2,000 कमरे बनाकर उन्हें पुराने निर्माण के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई, जिससे प्रत्येक कमरे के लिये लगभग 14 लाख रुपये मुआवजा मिलने की आशा थी।
अभियुक्तों में अमित माताप्रसाद मिश्रा, प्रकाशचंद्र अमरनाथ शुक्ला, जगनारायण बालकरण गुप्ता और राजकुमार मोतीलाल यादव शामिल हैं, जिन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
जांच में यह भी पता चला है कि 2022‑23 में निर्मित इन कमरों को पुराना दिखाने के लिये 2018‑19 के विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में 13 अन्य व्यक्तियों के नाम भी जांच के दायरे में शामिल किया है, जिससे इस घोटाले की पूरी साजिश उजागर करने की कोशिश जारी है।
पुलिस के अनुसार, मोरी मोजे में लगभग 2,000 कमरे बनाकर उन्हें पुराने निर्माण के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई, जिससे प्रत्येक कमरे के लिये लगभग 14 लाख रुपये मुआवजा मिलने की आशा थी।
अभियुक्तों में अमित माताप्रसाद मिश्रा, प्रकाशचंद्र अमरनाथ शुक्ला, जगनारायण बालकरण गुप्ता और राजकुमार मोतीलाल यादव शामिल हैं, जिन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
जांच में यह भी पता चला है कि 2022‑23 में निर्मित इन कमरों को पुराना दिखाने के लिये 2018‑19 के विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में 13 अन्य व्यक्तियों के नाम भी जांच के दायरे में शामिल किया है, जिससे इस घोटाले की पूरी साजिश उजागर करने की कोशिश जारी है।