यात्रा
वाराणसी में नई रेल सेवाओं का शुभारंभ: वंदे भारत स्लीपर सहित तीन ट्रेनों का परिचालन
वाराणसी (काशी) में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस तथा दो नई ट्रेनों का परिचालन हुआ, जिससे दो आध्यात्मिक नगरों के बीच यात्रा सुविधा में सुधार होगा।
वाराणसी‑नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी‑राजातालाब और बनारस‑प्रयागराज रामबाग के मध्य नई रेल सेवाओं का आज काशी में आयोजित समारोह में आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नई ट्रेनों के परिचालन को दो आध्यात्मिक नगरों को जोड़ने वाले एक अभिनव प्रयोग के रूप में बताया, जो श्रद्धालुओं, अधिवक्ताओं तथा दोनों शहरों के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
उक्त अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक आभार व्यक्त किया गया और रेल मंत्री को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया गया। नई सेवाओं से वाराणसी‑नई दिल्ली के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं वाला स्लीपर कोच उपलब्ध होगा। साथ ही वाराणसी‑राजातालाब तथा बनारस‑प्रयागराज के बीच प्रतिदिन दोहरी आवृत्ति से चलने वाली ट्रेनों से स्थानीय यात्रियों को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।
रेल मंत्रालय ने बताया कि इन नई ट्रेनों के परिचालन से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा, विशेषकर धार्मिक यात्राओं के दौरान। सभी संबंधित अधिकारियों ने इस पहल को सफल बनाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उक्त अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक आभार व्यक्त किया गया और रेल मंत्री को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया गया। नई सेवाओं से वाराणसी‑नई दिल्ली के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं वाला स्लीपर कोच उपलब्ध होगा। साथ ही वाराणसी‑राजातालाब तथा बनारस‑प्रयागराज के बीच प्रतिदिन दोहरी आवृत्ति से चलने वाली ट्रेनों से स्थानीय यात्रियों को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।
रेल मंत्रालय ने बताया कि इन नई ट्रेनों के परिचालन से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा, विशेषकर धार्मिक यात्राओं के दौरान। सभी संबंधित अधिकारियों ने इस पहल को सफल बनाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई।