स्थानीय
वाराणसी में मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में 'न्याय मार्च', CJP और विपक्ष के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में युवा परिषद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में 'न्याय मार्च' निकाला। प्रदर्शनकारियों ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से इस्तीफे की मांग की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में युवाओं का एक बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। 'युवा परिषद' के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने लालपुर स्थित सुभाष भवन से एक 'न्याय मार्च' निकाला। इस दौरान युवाओं ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जो दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में प्रदर्शन कर रही है।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने 'एक समोसा दो मिठाई, कॉकरोचों की होगी कुटाई' जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष जानबूझकर आरोप लगाकर युवाओं को भड़का रहा है। युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी वोट चोरी का विरोध कर रहे हैं, जबकि असल में वे खुद वोट चोरी करके सांसद बने हैं।
युवा परिषद की नेतृत्वकर्ता खुशी रमन भारतवंशी एवं प्रज्ञा परमिता महारी ने CJP नेता अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए पूछा कि उनके पास इतना धन कहां से आ रहा है कि वे लोगों को पिज्जा-बर्गर खिला रहे हैं और फाइव स्टार होटलों में ठहर रहे हैं। उन्होंने विदेश से फंडिंग के आरोप भी लगाए।
युवतियों ने CJP पर आतंकवाद के खिलाफ आवाज न उठाने और पिछले प्रदर्शन में प्रधानमंत्री की मां के लिए अपशब्द कहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने CJP के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की भी मांग की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने सांसद पद से इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने 'एक समोसा दो मिठाई, कॉकरोचों की होगी कुटाई' जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष जानबूझकर आरोप लगाकर युवाओं को भड़का रहा है। युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी वोट चोरी का विरोध कर रहे हैं, जबकि असल में वे खुद वोट चोरी करके सांसद बने हैं।
युवा परिषद की नेतृत्वकर्ता खुशी रमन भारतवंशी एवं प्रज्ञा परमिता महारी ने CJP नेता अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए पूछा कि उनके पास इतना धन कहां से आ रहा है कि वे लोगों को पिज्जा-बर्गर खिला रहे हैं और फाइव स्टार होटलों में ठहर रहे हैं। उन्होंने विदेश से फंडिंग के आरोप भी लगाए।
युवतियों ने CJP पर आतंकवाद के खिलाफ आवाज न उठाने और पिछले प्रदर्शन में प्रधानमंत्री की मां के लिए अपशब्द कहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने CJP के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की भी मांग की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने सांसद पद से इस्तीफा देने की मांग की।