स्थानीय
वालपोई में नानूस किले पर स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए दीपाजी राणे और वीरों को श्रद्धांजलि
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वालपोई के नानूस किले में युवाओं ने स्वतंत्रता सेनानी दीपाजी राणे और उनके साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान देश के वीरों के त्याग और संघर्ष से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया गया।
वालपोई, 15 अगस्त: 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सत्तारी के युवाओं ने वालपोई स्थित ऐतिहासिक नानूस किले का दौरा किया। इस अवसर पर सत्तारी की मुक्ति के लिए पुर्तगाली शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी दीपाजी राणे और उनके साथ लड़ने वाले सभी वीर सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
नानूस किला सत्तारी के स्वतंत्रता संग्राम और वीरता की गौरवशाली गाथा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इस ऐतिहासिक स्थल पर युवाओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को स्मरण किया और उनके अतुलनीय त्याग एवं संघर्ष से प्रेरणा लेने का दृढ़ संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनमें देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करना रहा। युवाओं ने वीरों की गाथाओं को सुनकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प दोहराया।
नानूस किला सत्तारी के स्वतंत्रता संग्राम और वीरता की गौरवशाली गाथा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इस ऐतिहासिक स्थल पर युवाओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को स्मरण किया और उनके अतुलनीय त्याग एवं संघर्ष से प्रेरणा लेने का दृढ़ संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनमें देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करना रहा। युवाओं ने वीरों की गाथाओं को सुनकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प दोहराया।