Education
विजयलक्ष्मी पाठक बनीं निर्धन बच्चों की शिक्षा की धियाजः हैदरगढ़ में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ दे रहीं निःशुल्क शिक्षा और खेल सामग्री
विजयलक्ष्मी पाठक बनीं निर्धन बच्चों की शिक्षा की धियाजः हैदरगढ़ में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ दे रहीं निःशुल्क शिक्षा और खेल सामग्री
बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र के बीजापुर गांव की रहने वाली विजयलक्ष्मी पाठक समाजसेवा के क्षेत्र में एक सकारात्मक मिसाल पेश कर रही हैं। वह क्षेत्र के निर्धन और असहाय बच्चों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें ट्यूशन भी पढ़ा रही हैं। उनका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को बेहतर बनाना है।विजयलक्ष्मी पाठक शिक्षा के साथ-साथ बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास कर रही हैं। वह लड़कियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करती हैं और निःशुल्क खेलकूद सामग्री भी उपलब्ध कराती है ताकि उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित हो सके। इसके साथ ही जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उनकी यह पहल समाज के गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनी है। वहीं बेटियों को शिक्षा, खेल और आत्मनिर्भरता के अवसर देकर वह लैंगिक असमानता को कम करने का प्रयास कर रही हैं। विजयलक्ष्मी का मानना है कि शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से ही समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। उनके प्रयास क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।
उनकी यह पहल समाज के गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनी है। वहीं बेटियों को शिक्षा, खेल और आत्मनिर्भरता के अवसर देकर वह लैंगिक असमानता को कम करने का प्रयास कर रही हैं। विजयलक्ष्मी का मानना है कि शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से ही समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। उनके प्रयास क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।