स्थानीय
वाहनों को रोककर जताया विरोध सड़क पर धूल और खतरे से परेशान ग्रामीण
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
पेटो पंचायत में हाईवा वाहनों की आवाजाही का विरोध
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
वाहनों को रोककर जताया विरोध |
सड़क पर धूल और खतरे से परेशान ग्रामीण
पेटो पंचायत । हाईवा वाहनों की लगातार आवाजाही से उत्पननु हो रही समस्याओं को लेकर शुक्रवार को पेटो पंचायत में ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के आवागमन से सड़क पर धूल, आवागमन में परेशानी और सुरक्षा संबंधी
जोखिम बढ़ रहे हैं।
इस दौरान पूर्व मुखिया रेशमा परवीन के
साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और ट्रांसपोर्टिर का विरोध किया। ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों को रोककर अपनी समस्याओं की और संबंधित पक्ष का ध्यान आकृष्ट कराया तथा समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सड़क सुरक्षा सुनिशियत करने, आवागमन को सुचारु रखने तथा धूल और अन्य समस्याओं से राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। पूर्व मुखिया रेशमा परवीन ने ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर एकजुटता जताई। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी बुनियादी समस्याओं और अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
वाहनों को रोककर जताया विरोध |
सड़क पर धूल और खतरे से परेशान ग्रामीण
पेटो पंचायत । हाईवा वाहनों की लगातार आवाजाही से उत्पननु हो रही समस्याओं को लेकर शुक्रवार को पेटो पंचायत में ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के आवागमन से सड़क पर धूल, आवागमन में परेशानी और सुरक्षा संबंधी
जोखिम बढ़ रहे हैं।
इस दौरान पूर्व मुखिया रेशमा परवीन के
साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और ट्रांसपोर्टिर का विरोध किया। ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों को रोककर अपनी समस्याओं की और संबंधित पक्ष का ध्यान आकृष्ट कराया तथा समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सड़क सुरक्षा सुनिशियत करने, आवागमन को सुचारु रखने तथा धूल और अन्य समस्याओं से राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। पूर्व मुखिया रेशमा परवीन ने ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर एकजुटता जताई। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी बुनियादी समस्याओं और अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।