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बिज़नेस
उत्तarakhand में स्टार्ट‑अप्स की संख्या पाँच साल में 700 से 1,700 से अधिक हुई, सीएम धामी
✍️ The News Mill
🗓 18 अक्टू. 2026, 07:06 AM
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में उत्तराखंड में स्टार्ट‑अप्स की संख्या 700 से बढ़कर 1,700 से अधिक हो गई है।
उत्तराखंड सरकार ने स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जिसमें पाँच साल में लगभग 700 से अधिक 1,700 से अधिक कंपनियों तक पहुँचा है, यह जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी। यह उछाल पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उद्यमशीलता के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।
धामी ने बताया कि सरकार ने आसान पंजीकरण, कर रियायतें और विशेष इनक्यूबेशन सेंटर जैसी कई नीतियों को लागू किया है ताकि नए उद्यमों को समर्थन मिल सके। राज्य का लक्ष्य हिमालयी क्षेत्र में नवाचार का केंद्र बनना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट‑अप को प्रोत्साहित करने की प्रवृत्ति के साथ मेल खाती है, परंतु उत्तराखंड की विशिष्ट भूगोल और संसाधन इसे अनोखे अवसर प्रदान करते हैं। सरकार फंडिंग और कौशल विकास कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने की योजना बना रही है ताकि यह गति बनी रहे।
यदि यह रुझान जारी रहा, तो राज्य में रोजगार सृजन में वृद्धि और निजी निवेश में और अधिक आकर्षण की संभावना है, जिससे कृषि और पर्यटन पर निर्भरता कम होकर आर्थिक विविधीकरण को बल मिलेगा।
धामी ने बताया कि सरकार ने आसान पंजीकरण, कर रियायतें और विशेष इनक्यूबेशन सेंटर जैसी कई नीतियों को लागू किया है ताकि नए उद्यमों को समर्थन मिल सके। राज्य का लक्ष्य हिमालयी क्षेत्र में नवाचार का केंद्र बनना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट‑अप को प्रोत्साहित करने की प्रवृत्ति के साथ मेल खाती है, परंतु उत्तराखंड की विशिष्ट भूगोल और संसाधन इसे अनोखे अवसर प्रदान करते हैं। सरकार फंडिंग और कौशल विकास कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने की योजना बना रही है ताकि यह गति बनी रहे।
यदि यह रुझान जारी रहा, तो राज्य में रोजगार सृजन में वृद्धि और निजी निवेश में और अधिक आकर्षण की संभावना है, जिससे कृषि और पर्यटन पर निर्भरता कम होकर आर्थिक विविधीकरण को बल मिलेगा।