📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Veekthedragon
राजनीति
उत्तarakhand कांग्रेस नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया
✍️ Pioneer Edge
🗓 13 अक्टू. 2026, 02:17 AM
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उत्तarakhand कांग्रेस के नेताओं के एक समूह ने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया, राज्य के मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
उत्तarakhand प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने नई दिल्ली में एकत्र होकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया, जिससे राष्ट्रीय न्यायालय के सामने अपनी मांगें रखी जा सकें। इस समूह ने कोर्ट परिसर में प्रवेश किया, साथ में समर्थकों और मीडिया का भी जमावड़ा था, जिससे यह प्रदर्शन व्यापक रूप से देखा गया।
यह मार्च उन कई समस्याओं को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया, जिन्हें पार्टी का मानना है कि राज्य और केंद्र सरकारों ने अनदेखा किया है। सुप्रीम कोर्ट के पास जाकर वे नीतियों की न्यायिक समीक्षा करवाना चाहते हैं, जिन्हें वे उत्तarakhand के विकास और कल्याण के लिए हानिकारक मानते हैं।
कोर्ट के अधिकारियों ने इस समूह की उपस्थिति दर्ज की और उन्हें अपनी मांगों का लिखित याचिका प्रस्तुत करने की अनुमति दी। अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश नहीं जारी किया है, पर राजनीतिक प्रतिनिधियों की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय पार्टियां अब असंतोष के समाधान के लिए न्यायिक मार्ग अपनाने को तैयार हैं।
पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि यह मार्च उत्तarakhand के नागरिकों में बढ़ती निराशा को दर्शाता है और वे उठाए गए मुद्दों को सुलझाने के लिए सभी संवैधानिक उपायों को जारी रखेंगे।
यह मार्च उन कई समस्याओं को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया, जिन्हें पार्टी का मानना है कि राज्य और केंद्र सरकारों ने अनदेखा किया है। सुप्रीम कोर्ट के पास जाकर वे नीतियों की न्यायिक समीक्षा करवाना चाहते हैं, जिन्हें वे उत्तarakhand के विकास और कल्याण के लिए हानिकारक मानते हैं।
कोर्ट के अधिकारियों ने इस समूह की उपस्थिति दर्ज की और उन्हें अपनी मांगों का लिखित याचिका प्रस्तुत करने की अनुमति दी। अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश नहीं जारी किया है, पर राजनीतिक प्रतिनिधियों की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय पार्टियां अब असंतोष के समाधान के लिए न्यायिक मार्ग अपनाने को तैयार हैं।
पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि यह मार्च उत्तarakhand के नागरिकों में बढ़ती निराशा को दर्शाता है और वे उठाए गए मुद्दों को सुलझाने के लिए सभी संवैधानिक उपायों को जारी रखेंगे।