📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
धर्म
उत्तarakhand के मुख्यमंत्री धामी ने कृष्ण जन्माष्टमी पर प्रेम और सद्भाव की अपील की
✍️ Livemint
🗓 04 सित. 2026, 06:04 PM
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रेम, सद्भाव और सामुदायिक शांति की अपील की।
उत्तarakhand के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जनता से प्रेम और सद्भाव अपनाने का आह्वान किया। एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि इस पावन त्यौहार के दौरान सभी धर्मों के लोगों को सामुदायिक शांति बनाए रखनी चाहिए। धामी ने बताया कि जन्माष्टमी का मूल भाव—भक्ति, एकता और सौहार्द—को रोज़मर्रा की जिंदगी में भी प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने धार्मिक संगठनों, सामुदायिक नेताओं और युवाओं से आग्रह किया कि वे आपसी सम्मान और सहयोग का उदाहरण बनें। यह संदेश राज्य में मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक भोज के साथ जुड़ा है।
मुख्यमंत्री का यह बयान विभिन्न धार्मिक समुदायों वाले प्रदेश में सामाजिक समरसता बनाए रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। त्यौहार की खुशी को सद्भाव के संदेश से जोड़कर धामी संभावित तनावों को रोकने और उत्सव की समावेशी भावना को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखते हैं। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्राधिकरणों ने भी सुरक्षा उपायों को बढ़ाया है और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम शुरू किए हैं ताकि उत्सव का माहौल शांतिपूर्ण रहे। प्रशासन नागरिकों से जिम्मेदारी से भाग लेने, सार्वजनिक व्यवस्था का सम्मान करने और पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने का आग्रह करता है, जिससे जन्माष्टमी का संदेश सामूहिक आनंद और एकता का प्रतीक बन सके।
मुख्यमंत्री का यह बयान विभिन्न धार्मिक समुदायों वाले प्रदेश में सामाजिक समरसता बनाए रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। त्यौहार की खुशी को सद्भाव के संदेश से जोड़कर धामी संभावित तनावों को रोकने और उत्सव की समावेशी भावना को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखते हैं। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्राधिकरणों ने भी सुरक्षा उपायों को बढ़ाया है और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम शुरू किए हैं ताकि उत्सव का माहौल शांतिपूर्ण रहे। प्रशासन नागरिकों से जिम्मेदारी से भाग लेने, सार्वजनिक व्यवस्था का सम्मान करने और पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने का आग्रह करता है, जिससे जन्माष्टमी का संदेश सामूहिक आनंद और एकता का प्रतीक बन सके।