📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
उत्ताराखण्ड के सीएम ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए नई पहल की घोषणा
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🗓 03 सित. 2026, 04:48 AM
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उत्ताराखण्ड के मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और सशक्तिकरण को सुदृढ़ करने के लिए कई कदमों की घोषणा की।
देहरादून, उत्तराखण्ड – उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने और उनके सामाजिक‑आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। एक प्रेस ब्रीफ़िंग में उन्होंने मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा और सुदृढ़ीकरण के कदमों की रूपरेखा पेश की, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ाना और बेहतर सड़क प्रकाश व्यवस्था स्थापित करना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों और वित्तीय सहायता योजनाओं को विस्तारित करने की इच्छा भी व्यक्त की, जिससे उनका रोजगार और उद्यमिता में भागीदारी बढ़े। उन्होंने स्थानीय प्राधिकरणों और सामुदायिक समूहों से आग्रह किया कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किसी भी उत्पीड़न या हिंसा की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
हालांकि विशिष्ट बजट विवरण नहीं दिया गया, मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन उपायों को लागू करने के लिए आवश्यक संसाधन तुरंत जुटाए जाएंगे। यह घोषणा राज्य के लैंगिक‑समावेशी विकास के व्यापक एजेंडा को दर्शाती है और राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयासों के साथ संगत है।
महिला अधिकार संगठनों सहित कई हितधारकों ने इन बयानों का स्वागत किया, पारदर्शी निगरानी और पहलों की प्रगति पर नियमित अपडेट की माँग की।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों और वित्तीय सहायता योजनाओं को विस्तारित करने की इच्छा भी व्यक्त की, जिससे उनका रोजगार और उद्यमिता में भागीदारी बढ़े। उन्होंने स्थानीय प्राधिकरणों और सामुदायिक समूहों से आग्रह किया कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किसी भी उत्पीड़न या हिंसा की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
हालांकि विशिष्ट बजट विवरण नहीं दिया गया, मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन उपायों को लागू करने के लिए आवश्यक संसाधन तुरंत जुटाए जाएंगे। यह घोषणा राज्य के लैंगिक‑समावेशी विकास के व्यापक एजेंडा को दर्शाती है और राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयासों के साथ संगत है।
महिला अधिकार संगठनों सहित कई हितधारकों ने इन बयानों का स्वागत किया, पारदर्शी निगरानी और पहलों की प्रगति पर नियमित अपडेट की माँग की।