📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TheManishPanwar
कृषि
उत्तarakhand में सच्चिदानंद भारती ने पहाड़ों को हरित बनाने के लिए वृक्षारोपण शुरू किया
✍️ India Water Portal
🗓 08 अक्टू. 2026, 04:33 AM
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पर्यावरण कार्यकर्ता सच्चिदानंद भारती उत्तarakhand में पहाड़ी क्षरण को रोकने और जल संसाधन सुधारने के लिए वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं।
उत्तarakhand के क्षीण पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण कार्यकर्ता सच्चिदानंद भारती ने एक पुनरुज्जीवन पहल शुरू की है। यह कार्यक्रम स्थानीय वनस्पति के बीज लगाकर ढलानों को स्थिर करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जलस्रोतों को पुनर्स्थापित करने पर केंद्रित है।
भारती की टीम गाँव‑स्तर पर स्थानीय लोगों को नर्सरी स्थापित करने, बीज संग्रह करने और पौधों को रोपित करने में शामिल करती है। पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वृक्षारोपण तकनीकों के साथ मिलाकर, यह प्रयास पहाड़ों पर स्थायी हरित आवरण बनाने का लक्ष्य रखता है, जिससे तीव्र वर्षा के समय जल प्रवाह में कमी आए।
इंडिया वाटर पोर्टल पर प्रकाशित वीडियो में इस अभियान की शुरुआती उपलब्धियों को दिखाया गया है, जिसमें बीजों की उच्च जीवितता दर और मानसून के दौरान जल निकासी में कमी का उल्लेख है।
अब तक यह पहल सीमित जिलों में चल रही है, लेकिन भविष्य में राज्य एजेंसियों और NGOs के सहयोग से इसे विस्तारित करने की योजना है, जिससे अगले वर्षों में अधिक पेड़ लगाए जा सकें।
भारती की टीम गाँव‑स्तर पर स्थानीय लोगों को नर्सरी स्थापित करने, बीज संग्रह करने और पौधों को रोपित करने में शामिल करती है। पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वृक्षारोपण तकनीकों के साथ मिलाकर, यह प्रयास पहाड़ों पर स्थायी हरित आवरण बनाने का लक्ष्य रखता है, जिससे तीव्र वर्षा के समय जल प्रवाह में कमी आए।
इंडिया वाटर पोर्टल पर प्रकाशित वीडियो में इस अभियान की शुरुआती उपलब्धियों को दिखाया गया है, जिसमें बीजों की उच्च जीवितता दर और मानसून के दौरान जल निकासी में कमी का उल्लेख है।
अब तक यह पहल सीमित जिलों में चल रही है, लेकिन भविष्य में राज्य एजेंसियों और NGOs के सहयोग से इसे विस्तारित करने की योजना है, जिससे अगले वर्षों में अधिक पेड़ लगाए जा सकें।