📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
नौकरी
उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने आय और आत्मनिर्भरता के लिए स्वयं सहायता समूहों को अपनाया
✍️ India Today
🗓 21 अक्टू. 2026, 06:39 PM
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उत्तर प्रदेश की महिलाएँ स्वयं सहायता समूह बनाकर बचत को जोड़ रही हैं और छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं, जिससे आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश की महिलाएँ स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बनाकर अपनी बचत को जोड़ रही हैं और छोटे‑स्तर के व्यवसाय शुरू कर रही हैं। इन समूहों के माध्यम से सदस्य छोटे‑छोटे ऋण लेकर अपने उद्यम चलाते हैं, जिससे नियमित आय उत्पन्न होती है और पारंपरिक अस्थिर रोजगार पर निर्भरता घटती है।
एसएचजी में हर सदस्य मासिक रूप से एक निर्धारित राशि जमा करता है, जिससे एक सामूहिक कोष बनता है। इस कोष से व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री या उपकरण खरीदे जा सकते हैं, और निर्धारित समय में पुनर्भुगतान किया जाता है, जिससे कोष की स्थिरता बनी रहती है और आगे के ऋण देने की क्षमता बढ़ती है। इस प्रक्रिया से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता भी प्राप्त होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के समूह राष्ट्रीय महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों के साथ मेल खाते हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने वाली महिलाओं के कारण उनके परिवारों और गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
एसएचजी में हर सदस्य मासिक रूप से एक निर्धारित राशि जमा करता है, जिससे एक सामूहिक कोष बनता है। इस कोष से व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री या उपकरण खरीदे जा सकते हैं, और निर्धारित समय में पुनर्भुगतान किया जाता है, जिससे कोष की स्थिरता बनी रहती है और आगे के ऋण देने की क्षमता बढ़ती है। इस प्रक्रिया से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता भी प्राप्त होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के समूह राष्ट्रीय महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों के साथ मेल खाते हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने वाली महिलाओं के कारण उनके परिवारों और गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद की जा रही है।