📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Department of State
विदेश
अमेरिका के रबियो: दिल्ली प्रदर्शनों पर टिप्पणी नहीं, ये भारत का आंतरिक मामला
✍️ The Times of India
🗓 22 अक्टू. 2026, 05:55 AM
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रबियो ने कहा कि दिल्ली में हुए हालिया प्रदर्शनों का मामला भारत का आंतरिक मामला है और इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रबियो ने भारतीय राजधानी दिल्ली में हुए हालिया जनता प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे नई दिल्ली का सख्ती से आंतरिक मामला बताया। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, रबियो ने स्पष्ट रूप से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका प्रदर्शनों के विशिष्ट विवरणों पर टिप्पणी नहीं करेगा, और भारत के भीतर की समस्याओं को संभालने में भारतीय सरकार की संप्रभुता का सम्मान करता है।
अमेरिकी अधिकारी ने यह भी तर्क दिया कि जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक मजबूत साझेदारी है, वाशिंगटन अपने सहयोगी के घरेलू राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करता है। स्थिति को 'आंतरिक मामला' घोषित करके, रबियो ने गैर-हस्तक्षेप के एक कूटनीतिक रुख का संकेत दिया, जो द्विपक्षीय संबंधों में घरेलू कानून और व्यवस्था के मामलों के लिए एक मानक प्रोटोकॉल है।
इसके अलावा, रबियो ने संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों पर भी टिप्पणी की, जिनकी श्रेणी को उन्होंने एक 'ऑक्सिमोरन' (विरोधाभासी शब्द) के रूप में वर्णित किया। यह टिप्पणी अंतर्राष्ट्रीय бюроक्रेटिक निकायों के प्रति अक्सर की जाने वाली आलोचना को दर्शाती है, जो ऐसे विशेषज्ञ पैनलों की प्रभावशीलता या स्वतंत्रता के प्रति संदेह जताती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों पर नजर रखी जा रही है। अमेरिकी प्रशासन रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर भारत के साथ संवाद जारी रख रहा है, लेकिन यह प्रतिक्रिया भारतीय घरेलू मामलों पर अमेरिकी टिप्पणी की सीमा को स्पष्ट करती है।
अमेरिकी अधिकारी ने यह भी तर्क दिया कि जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक मजबूत साझेदारी है, वाशिंगटन अपने सहयोगी के घरेलू राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करता है। स्थिति को 'आंतरिक मामला' घोषित करके, रबियो ने गैर-हस्तक्षेप के एक कूटनीतिक रुख का संकेत दिया, जो द्विपक्षीय संबंधों में घरेलू कानून और व्यवस्था के मामलों के लिए एक मानक प्रोटोकॉल है।
इसके अलावा, रबियो ने संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों पर भी टिप्पणी की, जिनकी श्रेणी को उन्होंने एक 'ऑक्सिमोरन' (विरोधाभासी शब्द) के रूप में वर्णित किया। यह टिप्पणी अंतर्राष्ट्रीय бюроक्रेटिक निकायों के प्रति अक्सर की जाने वाली आलोचना को दर्शाती है, जो ऐसे विशेषज्ञ पैनलों की प्रभावशीलता या स्वतंत्रता के प्रति संदेह जताती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों पर नजर रखी जा रही है। अमेरिकी प्रशासन रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर भारत के साथ संवाद जारी रख रहा है, लेकिन यह प्रतिक्रिया भारतीय घरेलू मामलों पर अमेरिकी टिप्पणी की सीमा को स्पष्ट करती है।