📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / National Payments Corporation of India
बिज़नेस
UPI की वैश्विक सफलता: डिजिटल भुगतान ने भारत से परे लाखों को जोड़ा
✍️ Organiser
🗓 10 सित. 2026, 01:39 PM
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भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) अब वैश्विक स्तर पर फैल रहा है, जिससे लाखों लोगों को सीमा‑पार डिजिटल लेन‑देन की सुविधा मिल रही है।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) को 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया ने शुरू किया था, लेकिन आज यह केवल भारत तक सीमित नहीं रहा; यह एक वैश्विक डिजिटल वित्त मंच बन चुका है। खुली तकनीकी संरचना ने सिंगापुर, यूएई, नेपाल आदि देशों के बैंकों और फिनटेक कंपनियों को अपने खातों को UPI नेटवर्क से जोड़ने की सुविधा दी है।
Organiser के अनुसार, अब इस प्रणाली का उपयोग भारत के बाहर लाखों उपयोगकर्ता कर रहे हैं, जो सीमा‑पार धन‑स्थानांतरण, व्यापारी भुगतान और पीयर‑टू‑पीयर लेन‑देन को बिना पारंपरिक कार्ड के आसानी से कर सकते हैं। रीयल‑टाइम निपटान और QR‑कोड आधारित इंटरफ़ेस ने कम लागत और त्वरित भुगतान की तलाश में रहने वाले उभरते बाजारों में तेज़ी से अपनाने को प्रोत्साहित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UPI की सफलता उसकी इंटरऑपरेबिलिटी और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के सहयोग में निहित है, जिसने एक स्केलेबल इकोसिस्टम तैयार किया है। इस विस्तार से वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अधिक देशों में UPI‑संगत सेवाओं को अपनाने की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।
Organiser के अनुसार, अब इस प्रणाली का उपयोग भारत के बाहर लाखों उपयोगकर्ता कर रहे हैं, जो सीमा‑पार धन‑स्थानांतरण, व्यापारी भुगतान और पीयर‑टू‑पीयर लेन‑देन को बिना पारंपरिक कार्ड के आसानी से कर सकते हैं। रीयल‑टाइम निपटान और QR‑कोड आधारित इंटरफ़ेस ने कम लागत और त्वरित भुगतान की तलाश में रहने वाले उभरते बाजारों में तेज़ी से अपनाने को प्रोत्साहित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UPI की सफलता उसकी इंटरऑपरेबिलिटी और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के सहयोग में निहित है, जिसने एक स्केलेबल इकोसिस्टम तैयार किया है। इस विस्तार से वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अधिक देशों में UPI‑संगत सेवाओं को अपनाने की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।