📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A to Z Solution Point
धर्म
समस्तीपुर का अनोखा सती स्थान: समाधि की पूजा, नवरात्र में तीन दिवसीय मेला
✍️ Amar Ujala · Darbhanga
🗓 14 अक्टू. 2026, 07:37 PM
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समस्तीपुर, बिहार में स्थित प्राचीन सती स्थान मंदिर में मूर्ति के बजाय समाधि की पूजा होती है, जो लगभग 600 साल पुरानी लोककथा से जुड़ी है। नवरात्र में लगने वाले तीन दिवसीय मेले में क्षेत्रीय और नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सती स्थान मंदिर समस्तीपुर जिले के ध्रुवगामा गांव में स्थित है। स्थानीय लोककथा के अनुसार इसका संबंध लगभग छह सौ साल पुरानी कहानी से है, जिसमें एक सती की अंतिम resting place की पूजा की जाती है।
सामान्य मंदिरों में मूर्ति स्थापित होने के विपरीत, इस मंदिर के गर्भगृह में एक समाधि स्थापित है, जिसे श्रद्धालु पूजा‑अर्चना और अर्पण चढ़ाते हैं। पूजा का केंद्र मूर्ति के बजाय इस स्मारक संरचना पर है।
नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेला लगता है। पास के गांवों और शहरों के श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं, साथ ही नेपाल से भी काफी संख्या में दर्शक आते हैं।
अमर उजाला दर्बंगा संस्करण ने इस समाचार को कवर किया, जिसमें मंदिर की अनोखी पूजा पद्धति और त्योहारी अवधि में आने वाले श्रद्धालुओं का जिक्र किया गया है।
सामान्य मंदिरों में मूर्ति स्थापित होने के विपरीत, इस मंदिर के गर्भगृह में एक समाधि स्थापित है, जिसे श्रद्धालु पूजा‑अर्चना और अर्पण चढ़ाते हैं। पूजा का केंद्र मूर्ति के बजाय इस स्मारक संरचना पर है।
नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेला लगता है। पास के गांवों और शहरों के श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं, साथ ही नेपाल से भी काफी संख्या में दर्शक आते हैं।
अमर उजाला दर्बंगा संस्करण ने इस समाचार को कवर किया, जिसमें मंदिर की अनोखी पूजा पद्धति और त्योहारी अवधि में आने वाले श्रद्धालुओं का जिक्र किया गया है।