📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Road Transport and Highways
राजनीति
मुम्बई-गोवा हाईवे के उद्घाटन में नहीं भागेंगे मंत्री गाडकरी, देरी पर जताई शर्म
✍️ indiatoday.in
🗓 10 सित. 2026, 12:02 PM
👁 46
केंद्रीय मंत्री नितिन गाडकरी ने मुम्बई‑गोवा हाईवे विस्तार में हुई देर पर शर्म महसूस करते हुए उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेने का फैसला किया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री नितिन गाडकरी ने मुम्बई‑गोवा हाईवे विस्तार में हुई धीमी प्रगति पर निराशा जताते हुए इसे व्यक्तिगत शर्म की बात कहा। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण और वित्तीय अड़चनों के कारण यह परियोजना कई महीनों से रुकी हुई है।
इन देरी को देखते हुए गाडकरी ने कहा कि वे इस सप्ताह निर्धारित उद्घाटन समारोह में भाग नहीं ले पाएंगे। उन्होंने महाराष्ट्र और गोवा राज्य सरकारों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों से शीघ्र कार्यवाही करने और मूल समय‑सीमा को पूरा करने का आग्रह किया।
यह बयान केंद्रीय सरकार की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले तेज़ी से पूरा करने की पहल के बीच आया है। अधिकारियों ने बताया कि मंत्री की अनुपस्थिति में भी स्थानीय dignitaries और परियोजना अधिकारियों के साथ समारोह आयोजित किया जाएगा।
परियोजना के पूरा होने पर दो राज्यों के बीच यात्रा समय घटेगा और कोंकण तट पर पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, ऐसा उम्मीद जताई गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना को ट्रैक पर रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी का वादा किया है।
रिपोर्टिंग के समय राज्य परिवहन विभागों से अतिरिक्त टिप्पणी नहीं ली गई।
इन देरी को देखते हुए गाडकरी ने कहा कि वे इस सप्ताह निर्धारित उद्घाटन समारोह में भाग नहीं ले पाएंगे। उन्होंने महाराष्ट्र और गोवा राज्य सरकारों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों से शीघ्र कार्यवाही करने और मूल समय‑सीमा को पूरा करने का आग्रह किया।
यह बयान केंद्रीय सरकार की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले तेज़ी से पूरा करने की पहल के बीच आया है। अधिकारियों ने बताया कि मंत्री की अनुपस्थिति में भी स्थानीय dignitaries और परियोजना अधिकारियों के साथ समारोह आयोजित किया जाएगा।
परियोजना के पूरा होने पर दो राज्यों के बीच यात्रा समय घटेगा और कोंकण तट पर पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, ऐसा उम्मीद जताई गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना को ट्रैक पर रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी का वादा किया है।
रिपोर्टिंग के समय राज्य परिवहन विभागों से अतिरिक्त टिप्पणी नहीं ली गई।