📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jakub Hałun
विदेश
यूएन ने समान पृथ्वी मानचित्र अपनाया, भारत ने जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल पर चिंता जताई
✍️ newsgram.com
🗓 08 सित. 2026, 01:18 PM
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संयुक्त राष्ट्र ने समान पृथ्वी मानचित्र को स्वीकार किया, जबकि भारत ने जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रान्त के चित्रण पर चिंता जताई।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आज समान पृथ्वी मानचित्र को अपनी आधिकारिक विश्व मानचित्र के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। यह निर्णय बहुमत से पारित हुआ और इससे मर्केटर प्रक्षेपण को बदलकर एक नया, कम विकृत मानचित्र प्रस्तुत किया गया जो महाद्वीपों के वास्तविक आकार को बेहतर दर्शाता है।
समान पृथ्वी प्रक्षेपण को मानचित्रकारों और डेटा वैज्ञानिकों की टीम द्वारा विकसित किया गया था, ताकि पुराने मानचित्रों में भूमि क्षेत्रों के आकार को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने वाली त्रुटियों को सुधारा जा सके। विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय निकायों ने इस मानचित्र को अधिक सटीक दृश्य उपकरण के रूप में बढ़ावा दिया है।
भारत ने इस नए मानचित्र में जम्मू‑कश्मीर और अरुणाचल प्रान्त के चित्रण के बारे में चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि किसी भी ऐसे चित्रण को, जो भारत के क्षेत्रीय दावों को बदल सकता है, अस्वीकार्य माना जाएगा।
यह निर्णय विश्व के दृश्यांकन में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, लेकिन साथ ही भू‑राजनीतिक संवेदनशीलताओं को भी उजागर करता है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि यह मानचित्र आधिकारिक दस्तावेज़ों और शैक्षिक सामग्रियों में उपयोग किया जाएगा, जबकि भारत ने अपने राष्ट्रीय मानचित्रों के साथ संगति सुनिश्चित करने के लिए मानचित्र के क्षेत्रीय सीमाओं की समीक्षा का अनुरोध किया है।
समान पृथ्वी प्रक्षेपण को मानचित्रकारों और डेटा वैज्ञानिकों की टीम द्वारा विकसित किया गया था, ताकि पुराने मानचित्रों में भूमि क्षेत्रों के आकार को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने वाली त्रुटियों को सुधारा जा सके। विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय निकायों ने इस मानचित्र को अधिक सटीक दृश्य उपकरण के रूप में बढ़ावा दिया है।
भारत ने इस नए मानचित्र में जम्मू‑कश्मीर और अरुणाचल प्रान्त के चित्रण के बारे में चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि किसी भी ऐसे चित्रण को, जो भारत के क्षेत्रीय दावों को बदल सकता है, अस्वीकार्य माना जाएगा।
यह निर्णय विश्व के दृश्यांकन में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, लेकिन साथ ही भू‑राजनीतिक संवेदनशीलताओं को भी उजागर करता है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि यह मानचित्र आधिकारिक दस्तावेज़ों और शैक्षिक सामग्रियों में उपयोग किया जाएगा, जबकि भारत ने अपने राष्ट्रीय मानचित्रों के साथ संगति सुनिश्चित करने के लिए मानचित्र के क्षेत्रीय सीमाओं की समीक्षा का अनुरोध किया है।