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05 Oct 2026•
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Agriculture

उमरिया के बरहाई गाँव में अंजली सिंह ने प्राकृतिक खेती से 14 हज़ार रुपये की लागत में 40 हज़ार रुपये का लाभ प्राप्त किया

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 04 Oct 2026, 08:12 PM 👁 22
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मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बरहाई गाँव की मध्यम वर्गीय महिला कृषक अंजली सिंह ने प्राकृतिक खेती अपनाकर कम लागत में अधिक आय हासिल की।

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बरहाई गाँव की मध्यम वर्गीय महिला कृषक अंजली सिंह ने प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की। पहले वह एक एकड़ से अधिक भूमि पर रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के साथ पारंपरिक खेती करती थीं, जिससे मिट्टी की उर्वरता घट रही थी और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

भारत सरकार द्वारा संचालित प्राकृतिक खेती मिशन के तहत अंजली सिंह को कृषि सखी के रूप में चयनित किया गया और उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण में बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्रि तथा देशी बीजों के उपयोग की विधि सीखी। इन तकनीकों को अपनाकर उन्होंने पालक, मेथी, लौकी, टमाटर, मटर, लालभाजी, गोभी, मूली, अदरक, आलू, हल्दी आदि सब्जी वर्गीय फसलों को उगाया।

प्राकृतिक खेती के कारण केवल लगभग 14 हज़ार रुपये की लागत में उन्होंने लगभग 40 हज़ार रुपये का लाभ अर्जित किया। अंजली सिंह ने तीन गायें भी पाल रखी हैं, जिनके गोबर का उपयोग वे अपने खेत में जैविक खाद के रूप में करती हैं, जिससे उत्पादन में और वृद्धि हुई।

अंजली सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती ने उनके जीवन की दशा बदल दी है; उनका परिवार स्वस्थ और प्रसन्न है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
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